Greater Noida West Metro Demand: जंतर-मंतर पर 26 अप्रैल को बड़ा प्रदर्शन, निवासियों ने तेज किया आंदोलन

Greater Noida West Metro Demand: जंतर-मंतर पर 26 अप्रैल को बड़ा प्रदर्शन, निवासियों ने तेज किया आंदोलन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी की लंबे समय से चली आ रही मांग अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो जहां आम लोगों के लिए सबसे सुविधाजनक और तेज परिवहन का माध्यम बन चुकी है, वहीं गौतमबुद्ध नगर के कई इलाके अब भी इस सुविधा से वंचित हैं। इसी समस्या को लेकर रविवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें करीब 50 हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों ने भाग लिया और आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया।
बैठक की अध्यक्षता Abhishek Kumar ने की। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को मेट्रो के नाम पर केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस प्रगति देखने को नहीं मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब लोग अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करें।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 26 अप्रैल को दिल्ली के Jantar Mantar पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना है, ताकि मेट्रो परियोजना को जल्द से जल्द शुरू कराया जा सके।
बैठक में शामिल विभिन्न सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से अधिक से अधिक लोगों को इस आंदोलन से जोड़ेंगे और 26 अप्रैल को बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचेंगे। निवासियों का मानना है कि जब तक बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी क्षेत्र के निवासियों ने मेट्रो पिलर खींचने का सांकेतिक प्रदर्शन किया था, जिसे व्यापक समर्थन मिला था। इस प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि अब लोग केवल वादों से संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं। लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में आंदोलन और भी उग्र हो सकता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मेट्रो सुविधा के अभाव में उन्हें रोजाना भारी ट्रैफिक जाम, समय की बर्बादी और यात्रा में असुविधा का सामना करना पड़ता है। ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे में अब वे किसी भी तरह की देरी को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।
इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो की मांग अब एक संगठित और मजबूत जनआंदोलन बन चुकी है, जो आने वाले दिनों में और तेज होने की पूरी संभावना है। यदि प्रशासन और सरकार ने जल्द इस दिशा में कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।





