Noida Elevated Road Project: 23 किमी पुश्ता एलिवेटेड 10 लेन बनाने की तैयारी, एयरपोर्ट को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

Noida Elevated Road Project: 23 किमी पुश्ता एलिवेटेड 10 लेन बनाने की तैयारी, एयरपोर्ट को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
नोएडा में ट्रैफिक दबाव कम करने और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी देने के लिए एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट सामने आया है। पुश्ता रोड पर करीब 23 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की योजना तैयार कर ली गई है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 10 लेन तक विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
यह एलिवेटेड रोड डीएनडी से सेक्टर-150 तक सीधे जुड़ेगा और यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। फिलहाल इस रोड को छह लेन का डिजाइन किया गया है, लेकिन प्राधिकरण ने साफ कहा है कि बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इसे 8 से 10 लेन तक विस्तार योग्य बनाया जाए। इसके लिए ड्राइंग भी उसी हिसाब से तैयार की जा रही है।
इस परियोजना का निर्माण यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। प्राधिकरण बोर्ड से इसे पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और अब शासन की अंतिम स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। परियोजना के तहत सिंचाई विभाग से एनओसी लेने की जिम्मेदारी भी यूपीईडा की होगी।
इस एलिवेटेड रोड का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि डीएनडी फ्लाईवे से निकलकर वाहन सीधे यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए सेक्टर-94 की प्रस्तावित एलिवेटेड लिंक से इसे जोड़ा जाएगा और यमुना एक्सप्रेसवे पर एक रोटरी बनाई जाएगी। इससे दिल्ली से एयरपोर्ट तक यात्रा और आसान व तेज हो जाएगी।
परियोजना में पांच प्रमुख लूप भी बनाए जाएंगे, जिनकी मदद से वाहन चालक नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में आसानी से चढ़-उतर सकेंगे। एलिवेटेड के दोनों सिरों पर रोटरी बनाई जाएगी, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह सुचारू बना रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रैक के बनने से नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का भार काफी कम होगा। साथ ही दिल्ली, आगरा और लखनऊ की ओर जाने वाले वाहनों को एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। हालांकि लेन बढ़ाने के कारण परियोजना की लागत में करीब 200 से 300 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसे भविष्य के लिहाज से जरूरी और फायदेमंद माना जा रहा है।
यह एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है, जिससे न सिर्फ ट्रैफिक समस्या कम होगी बल्कि एयरपोर्ट कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी और क्षेत्र में विकास को नई गति मिलेगी।





