राज्यउत्तर प्रदेश

Dry Eye Treatment Breakthrough: डिजिटल स्क्रीन से बढ़ी ड्राई आई समस्या में ‘लैक्टोफेरिन’ बना नई उम्मीद

Dry Eye Treatment Breakthrough: डिजिटल स्क्रीन से बढ़ी ड्राई आई समस्या में ‘लैक्टोफेरिन’ बना नई उम्मीद

डिजिटल युग में लगातार मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन पर समय बिताने से आंखों की एक गंभीर समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसे ड्राई आई सिंड्रोम कहा जाता है। इस समस्या में आंखों में सूखापन, जलन, चुभन और थकान जैसी परेशानियां आम हो गई हैं। इसी बीच एक बड़ी मेडिकल सफलता सामने आई है, जिसमें एक प्राकृतिक प्रोटीन ‘लैक्टोफेरिन’ को इस बीमारी के इलाज में प्रभावी पाया गया है।

यह महत्वपूर्ण शोध All India Institute of Medical Sciences Delhi में किए गए क्लिनिकल ट्रायल के दौरान सामने आया, जिसमें विशेषज्ञों ने पाया कि लैक्टोफेरिन ड्राई आई सिंड्रोम के इलाज में बेहतर परिणाम दे सकता है।

इस अध्ययन में 200 मरीजों (400 आंखों) को शामिल किया गया और तीन महीने तक उन्हें दिन में दो बार 250 मिलीग्राम लैक्टोफेरिन दिया गया। इसके बाद छह महीने तक उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई। परिणामों में पाया गया कि मरीजों की आंखों की नमी में सुधार हुआ और आंसुओं की गुणवत्ता व मात्रा दोनों बेहतर हुईं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोटीन केवल लक्षणों को दबाने के बजाय समस्या की जड़ पर काम करता है। इससे आंखों के प्राकृतिक सिस्टम को संतुलित करने में मदद मिलती है, जिससे लंबे समय तक राहत मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

लैक्टोफेरिन एक प्राकृतिक प्रोटीन है, जो खासतौर पर मां के दूध में पाया जाता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है। इसी कारण इसे आंखों के लिए एक सुरक्षित और प्राकृतिक उपचार विकल्प माना जा रहा है।

अब तक ड्राई आई का इलाज मुख्य रूप से आई ड्रॉप्स और आर्टिफिशियल टियर्स तक सीमित रहा है, जो केवल अस्थायी राहत देते हैं। लेकिन यह नई खोज एक स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

डॉक्टरों के अनुसार, जल्द ही इस उपचार को औषधि नियामक की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, और मंजूरी मिलने के बाद यह मरीजों के लिए व्यापक रूप से उपलब्ध हो सकता है।

ड्राई आई की समस्या मुख्य रूप से लंबे समय तक स्क्रीन देखने से ब्लिंक रेट कम होने के कारण होती है, जिससे आंखों की तेल ग्रंथियां प्रभावित होती हैं और आंसू जल्दी सूख जाते हैं। यही स्थिति आंखों में जलन और सूखापन पैदा करती है।

Himachal Pradesh: अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे 202 पात्र आवेदकों को नए वर्ष का तोहफा, मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा फैसला

Related Articles

Back to top button