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AOA Election Controversy: केंद्रीय विहार सोसाइटी में 80% फ्लैट मालिकों के वोटिंग अधिकार पर उठे सवाल

AOA Election Controversy: केंद्रीय विहार सोसाइटी में 80% फ्लैट मालिकों के वोटिंग अधिकार पर उठे सवाल

नोएडा के केंद्रीय विहार सोसाइटी में एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोसाइटी के निवासियों ने आरोप लगाया है कि एडहॉक एओए द्वारा बड़ी संख्या में फ्लैट मालिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

निवासी डॉ. ओमकार तिवारी के अनुसार, गैर-वैध शर्तों के आधार पर अधिकांश फ्लैट मालिकों को चुनाव प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले जमा किए गए सदस्यता फॉर्म को अमान्य घोषित कर दिया गया है और अब सभी को नया फॉर्म भरने के लिए कहा जा रहा है, जिसके लिए 1000 रुपये शुल्क भी लिया जा रहा है।

इसके अलावा फ्लैट की कीमत का 1.5 प्रतिशत जो पहले एओए खाते में जमा कराया गया था, उसे भी मान्यता नहीं दी जा रही है। निवासियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया मनमानी और नियमों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इन शर्तों के जरिए वोटिंग अधिकार को सीमित किया जा रहा है।

सोसाइटी में कुल 1794 फ्लैट हैं, लेकिन नए नियमों के तहत केवल करीब 350 सदस्यों को ही मान्यता दी गई है। ऐसे में लगभग 80 प्रतिशत फ्लैट मालिक चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं, जिससे चुनाव की वैधता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

निवासियों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब पहले सभी सदस्यता फॉर्म लिए जा चुके थे और 1.5 प्रतिशत राशि जमा हो चुकी थी, तो फिर एओए का पंजीकरण किस आधार पर हुआ। उन्होंने डिप्टी रजिस्ट्रार से स्पष्ट जवाब मांगा है कि क्या पुरानी सदस्यता वैध है, क्या बिना जनरल बॉडी मीटिंग की मंजूरी के मेंटेनेंस शुल्क लिया जा सकता है, और क्या नए नियम आधिकारिक हैं या भ्रामक तरीके से लागू किए जा रहे हैं।

फिलहाल इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है, जिससे निवासियों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यह विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है, यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया।

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