
RML Hospital Pediatric Cardiology Course: आरएमएल अस्पताल में डीएम पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी कोर्स शुरू, दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को मिलेगा बेहतर इलाज
नई दिल्ली में बच्चों में जन्मजात और अन्य गंभीर हृदय रोगों के इलाज को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की पहल के तहत राजधानी के प्रतिष्ठित Dr. Ram Manohar Lohia Hospital में डीएम पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी (बाल हृदय रोग) सुपर स्पेशलिटी कोर्स शुरू किया गया है। इस कदम का उद्देश्य देश में बाल हृदय रोग विशेषज्ञों की कमी को दूर करना और दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है।
भारत में हर साल लगभग 1.80 लाख बच्चे गंभीर जन्मजात हृदय रोग के साथ जन्म लेते हैं। इनमें से कई बच्चों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता, जिसके कारण उनकी स्थिति गंभीर हो जाती है। नए पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी कोर्स की शुरुआत से ऐसे बच्चों के इलाज में सुधार होने की उम्मीद है और आने वाले वर्षों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी।
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की सिफारिश के बाद Guru Gobind Singh Indraprastha University ने आरएमएल अस्पताल में डीएम पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। शुरुआत में इस कोर्स के लिए दो सीटों की मंजूरी दी गई है, जिन्हें भविष्य में बढ़ाया जा सकता है। यह सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से उपलब्ध होगा।
पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी चिकित्सा का वह विशेष क्षेत्र है जिसमें बच्चों में जन्मजात और अन्य हृदय रोगों की पहचान, जांच, इंटरवेंशन और सर्जिकल प्रबंधन की विशेषज्ञ ट्रेनिंग दी जाती है। इस क्षेत्र के डॉक्टर अत्याधुनिक तकनीक और उन्नत जांच पद्धतियों की मदद से बच्चों के दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज करते हैं। समय पर उपचार मिलने से न केवल गंभीर जटिलताओं को कम किया जा सकता है बल्कि मृत्यु दर को भी घटाया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में हृदय रोग का इलाज वयस्कों से अलग और अधिक जटिल होता है, इसलिए इसके लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टरों की आवश्यकता होती है। पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञ बच्चों के लिए सुरक्षित सर्जरी, कैथेटर आधारित उपचार और अन्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, जिससे बच्चे सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
आरएमएल अस्पताल के बाल रोग विभाग के प्रमुख Dr. Dinesh Kumar Yadav ने बताया कि भारत में अभी तक केवल चार प्रमुख संस्थान ही डीएम पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी कोर्स उपलब्ध कराते हैं। इनमें All India Institute of Medical Sciences Delhi, Postgraduate Institute of Medical Education and Research Chandigarh, Sree Chitra Tirunal Institute for Medical Sciences and Technology और Sri Jayadeva Institute of Cardiovascular Sciences and Research शामिल हैं।
अब आरएमएल अस्पताल के इस सूची में शामिल होने से देश में बाल हृदय रोग विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने की क्षमता और बढ़ेगी। खास बात यह है कि आरएमएल अस्पताल देश का ऐसा पहला संस्थान बन गया है जहां यह कार्यक्रम बाल रोग विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। अन्य संस्थानों में इसे वयस्क हृदय रोग की पढ़ाई के हिस्से के रूप में पढ़ाया जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस कोर्स की शुरुआत से आने वाले वर्षों में बाल हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ेगी, जिससे देशभर में लाखों बच्चों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा। यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत करने और जटिल हृदय रोगों से लड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





