Bulandshahar News (अवनीश त्यागी) : ड्राइविंग ट्रेनिंग टेस्ट एवं लाइसेंस सेंटर पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट पास कराने के नाम पर सुविधा शुल्क लेने की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Dinesh Kumar Singh के आदेश पर की गई।

जानकारी के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होता है। आरोप है कि सेंटर पर कुछ कर्मचारी सुविधा शुल्क लेने के उद्देश्य से आवेदकों को जानबूझकर फेल कर देते हैं। इसके बाद ‘सेटिंग’ के नाम पर मोटी रकम लेकर उन्हें पास कराया जाता है।
शिकायतकर्ता युवक ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए खुर्जा देहात क्षेत्र स्थित ड्राइविंग लाइसेंस सेंटर पहुंचा था। उसने निर्धारित प्रक्रिया के तहत टेस्ट दिया, लेकिन उसे फेल घोषित कर दिया गया। आरोप है कि बाद में सेंटर के कर्मचारियों ने उससे 5500 रुपये लेकर उसे पास कर दिया।
मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। आरोप है कि सेंटर पर लंबे समय से लाइसेंस बनवाने के नाम पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है और आम लोगों से मोटी रकम ली जा रही है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर थाना खुर्जा देहात में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और सेंटर के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
जांच के दौरान सेंटर की कार्यप्रणाली, टेस्ट प्रक्रिया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि लाइसेंस पास कराने के नाम पर अवैध वसूली का नेटवर्क कितना बड़ा है। एआरटीओ Satish Kumar ने कहा कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
