ट्रेंडिंगदिल्ली

Excise Policy Case: आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी, राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला

Excise Policy Case: आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी, राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला

रिपोर्ट: रवि डालमिया

राजधानी के बहुचर्चित कथित आबकारी नीति घोटाले में शनिवार को बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया जब राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आरोपों से बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि जांच एजेंसी आरोपियों के खिलाफ ठोस और पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रही है, जिसके चलते अदालत को उन्हें संदेह का लाभ देना पड़ा।

यह मामला दिल्ली की कथित आबकारी नीति में अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ा था, जिसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रही थी। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नई शराब नीति के जरिए कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसके बदले कथित रूप से आर्थिक लेन-देन हुआ। हालांकि अदालत में लंबी सुनवाई और दलीलों के बाद न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में सफल नहीं हो सका।

फैसले के बाद आम आदमी पार्टी और उसके समर्थकों में खुशी की लहर देखी गई। पार्टी नेताओं ने इसे “सच्चाई की जीत” करार दिया। पूर्व विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल ने कहा कि यह फैसला उन सभी के लिए बड़ी राहत है जिन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला राजनीतिक द्वेष और साजिश का परिणाम था। उनके अनुसार, एक निर्वाचित मुख्यमंत्री का लंबे समय तक जेल में रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अदालत से राहत मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की ओर से भी बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया कि उनके खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह निराधार और राजनीतिक प्रेरित था। उन्होंने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए कहा कि सच सामने आ गया है और उन्हें न्याय मिला है।

दूसरी ओर, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला जांच एजेंसी के लिए एक बड़ा झटका है। उनका कहना है कि इतने हाई-प्रोफाइल मामले में यदि पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं हो पाए, तो यह भविष्य की जांच प्रक्रियाओं और रणनीतियों पर भी असर डालेगा। साथ ही यह फैसला राजनीतिक हलकों में भी नई बहस को जन्म दे सकता है।

इस मामले ने देशभर में राजनीति और कानून व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी थी। अब अदालत के फैसले के बाद एक ओर जहां आम आदमी पार्टी इसे अपनी नैतिक जीत बता रही है, वहीं विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में इस फैसले का राजनीतिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखना अहम होगा।

 

Realme GT 6 भारत में लॉन्च होने की पुष्टि। अपेक्षित स्पेक्स, फीचर्स, और भी बहुत कुछ

Related Articles

Back to top button