उत्तर प्रदेशराज्य

Noida International Airport: एयरपोर्ट शुरू होते ही यमुना एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगा ट्रैफिक दबाव, 60 मीटर सड़क अधूरी

Noida International Airport: एयरपोर्ट शुरू होते ही यमुना एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगा ट्रैफिक दबाव, 60 मीटर सड़क अधूरी

नोएडा में बनने वाला Noida International Airport शुरू होते ही यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह एक्सप्रेसवे के समानांतर बन रही 60 मीटर चौड़ी सड़क का अब तक पूरा न हो पाना है। यह सड़क ग्रेटर नोएडा से होकर सीधे एयरपोर्ट तक जाती है और इसकी कुल लंबाई करीब 40 किलोमीटर है। अधिकारियों के अनुसार लगभग 36 किलोमीटर हिस्से का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन चार किलोमीटर का हिस्सा अभी भी अलग-अलग स्थानों पर अधूरा पड़ा है।

अधूरा हिस्सा तीन भागों में बंटा हुआ है। पहला पैच सलारपुर अंडरपास से पहले दनकौर के पास रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि किसानों से जमीन के लिए सहमति मिलने के बाद टेंडर जारी किया जा चुका है। यमुना सिटी के सेक्टर-20, सेक्टर-21 और रुस्तमपुर के पास रुका हुआ निर्माण कार्य भी जारी है। इन हिस्सों के पूरे होने के बाद 60 मीटर सड़क सेक्टर-21 तक पूरी तरह जुड़ जाएगी। इसके आगे एयरपोर्ट लिंक रोड तक दयानतपुर के पास करीब तीन किलोमीटर लंबा पैच भी निर्माणाधीन है। दयानतपुर में 76.3 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। अधिकारियों ने इस पूरी सड़क को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, हालांकि दनकौर में कार्य शुरू न होने से समयसीमा प्रभावित हो सकती है।

यह 60 मीटर चौड़ी सड़क यमुना सिटी के विभिन्न सेक्टरों को आपस में जोड़ते हुए सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचती है। इसी सड़क के किनारे यमुना सिटी के कई सेक्टर विकसित हो रहे हैं। साथ ही प्रस्तावित International Film City भी इसी मार्ग के आसपास स्थित है, जहां जल्द ही फिल्म शूटिंग गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। शहर में 52 कंपनियों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल चुका है, जिससे औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। ऐसे में इस सड़क की उपयोगिता और अधिक बढ़ गई है। स्थानीय लोग लंबे समय से इसे जल्द पूरा करने की मांग कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 60 मीटर सड़क समय पर पूरी हो जाती है तो यमुना एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो सकता है। फिलहाल सड़क अधूरी होने के कारण आसपास के गांवों और सेक्टरों के लोगों को एक्सप्रेसवे पर चढ़कर ही अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। एक्सप्रेसवे पर बीच में कट न होने से लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। यही कारण है कि कई बार दोपहिया वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहन भी एक्सप्रेसवे पर आ जाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। पहले भी इस तरह की कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

सड़क अधूरी होने के कारण लोगों को मजबूरी में एक्सप्रेसवे का उपयोग करना पड़ता है और उन्हें टोल शुल्क देना पड़ता है। इसे लेकर किसानों और स्थानीय निवासियों ने कई बार विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। टोल समाप्त करने की मांग को लेकर प्राधिकरणों का घेराव तक किया गया है। यदि 60 मीटर सड़क पूरी हो जाती है तो आसपास के गांवों और सेक्टरों के लोगों को एक्सप्रेसवे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और टोल की समस्या से भी राहत मिल सकेगी।

यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 60 मीटर चौड़ी सड़क को पूरा करने के लिए जमीनी विवाद सुलझा लिए गए हैं। दो स्थानों पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है और दनकौर में भी जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है, ताकि एयरपोर्ट संचालन शुरू होने से पहले यातायात व्यवस्था सुचारु बनाई जा सके।

Himachal Pradesh: अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे 202 पात्र आवेदकों को नए वर्ष का तोहफा, मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा फैसला

 

Related Articles

Back to top button