दिल्लीराज्य

AIIMS Surgery World Record: एम्स दिल्ली ने एक साल में 10,096 सर्जरी कर रचा इतिहास

AIIMS Surgery World Record: एम्स दिल्ली ने एक साल में 10,096 सर्जरी कर रचा इतिहास

नई दिल्ली। देश की शीर्ष सरकारी चिकित्सा संस्था एम्स दिल्ली ने वर्ष 2025 में शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही वर्ष में 10,096 बड़ी सर्जरी सफलतापूर्वक कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान कुल 11,921 मरीजों को भर्ती कर विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया गया, जिससे यह साबित हुआ कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान भी उन्नत तकनीक, दक्षता और गुणवत्ता में वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकते हैं। एम्स की यह उपलब्धि न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की क्षमता को दर्शाती है, बल्कि आम मरीजों के लिए किफायती और भरोसेमंद इलाज का मजबूत उदाहरण भी पेश करती है।
एम्स दिल्ली के सर्जरी ब्लॉक में सामान्य सर्जरी से लेकर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, एंडोक्राइन, थोरैसिक, कोलोरेक्टल, बेरिएट्रिक, वैस्कुलर, ब्रेस्ट और जटिल ट्रांसप्लांट सर्जरी तक लगभग सभी आधुनिक शल्य विधाएं उपलब्ध हैं। यहां ओपन, लेप्रोस्कोपिक, मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक तकनीकों के जरिए एक ही छत के नीचे मरीजों का उपचार किया जा रहा है। वर्ष 2025 की सबसे बड़ी उपलब्धियों में रोबोटिक रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी की शुरुआत शामिल है, जिसके साथ एम्स दिल्ली देश का पहला सरकारी संस्थान बन गया है जहां यह अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध है। भारत में ट्रांसप्लांट सर्जरी की जननी माने जाने वाले एम्स का यह कार्यक्रम आज भी देश के सबसे सक्रिय और विश्वसनीय ट्रांसप्लांट केंद्रों में शामिल है।

एम्स के सर्जिकल डिसिप्लिन विभाग के प्रमुख प्रो. सुनील चुंबर ने बताया कि वर्ष 2021 में शुरू किए गए नवनिर्मित सर्जिकल ब्लॉक में वर्तमान में आठ अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर कार्यरत हैं, जिनमें हाई-एंड रोबोटिक सर्जरी की सुविधा और एक समर्पित आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर भी शामिल है। बीते एक वर्ष में यहां 10,096 बड़ी और 17,408 छोटी सर्जरी को सुरक्षित और सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक सर्जरी के दौरान मृत्यु दर केवल 0.3 प्रतिशत और आपातकालीन सर्जरी में 7.89 प्रतिशत रही, जो यूरोप और उत्तरी अमेरिका के प्रमुख अस्पतालों के बराबर मानी जाती है।
प्रो. सुनील चुंबर के अनुसार, एम्स दिल्ली केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और सर्जिकल प्रशिक्षण का भी एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है। एम्स का सर्जिकल विभाग दुनिया का ऐसा अनूठा विभाग है जहां आठ अत्याधुनिक ओटी के साथ एक ही वर्ष में 10,000 से अधिक बड़ी सर्जरी की गई हैं। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्ष 2006 में स्थापित सर्जिकल स्किल्स और सिमुलेशन लैब के माध्यम से देशभर के सर्जनों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे भविष्य के कुशल सर्जन तैयार हो रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में कुल सर्जरी में 50.7 प्रतिशत ओपन सर्जरी, 41.2 प्रतिशत लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और 8.1 प्रतिशत रोबोटिक सर्जरी शामिल रहीं। कुल ऑपरेशनों में 8,994 सर्जरी वैकल्पिक रहीं, जबकि 1,102 सर्जरी आपातकालीन परिस्थितियों में की गईं। मरीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 6,390 महिला और 5,531 पुरुष मरीजों को सर्जरी के लिए भर्ती किया गया। आयु वर्ग में 20 से 60 वर्ष के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही, जो अस्पताल में सक्रिय कार्यशील आबादी के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में वैकल्पिक सर्जरी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग यह स्पष्ट करता है कि एम्स दिल्ली की सर्जिकल सेवाएं लगातार मजबूत हो रही हैं और देश ही नहीं, दुनिया भर में इसकी विश्वसनीयता बढ़ रही है।

भारत और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2024 में दो बार आमने-सामने हो सकते हैं। जानिए कैसे

Related Articles

Back to top button