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Noida Panchayat: 12 गांवों में पंचायत भवन नहीं, खुले आसमान के नीचे चल रही ग्राम सरकार

Noida Panchayat: 12 गांवों में पंचायत भवन नहीं, खुले आसमान के नीचे चल रही ग्राम सरकार

नोएडा। जिले के 12 गांव ऐसे हैं, जहां ग्राम पंचायत की सरकार आज भी खुले आसमान के नीचे चल रही है। इन ग्राम पंचायतों के पास अब तक अपना पंचायत भवन नहीं है, जिससे गांव स्तर पर प्रशासनिक कामकाज में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि कुछ पंचायतों में भवन निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि कई स्थानों पर जमीन की कमी और जमीन विवाद के कारण पंचायत भवनों का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
पांच साल पहले जिले में कुल 82 ग्राम पंचायतें थीं, जिनमें से 15 ग्राम पंचायतों के पास पंचायत भवन नहीं थे। बीते पांच वर्षों में केवल तीन ग्राम पंचायतों में ही भवनों का निर्माण पूरा हो पाया है। प्रशासन की धीमी रफ्तार के कारण आज भी 12 ग्राम पंचायतें बिना भवन के काम करने को मजबूर हैं। अधिकारियों की ओर से छह ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य जारी होने की जानकारी दी जा रही है, लेकिन छह अन्य ग्राम पंचायतों में जमीन न होने और जमीन विवाद के चलते काम अटका हुआ है।
दो साल पहले पंचायती राज विभाग ने भवन निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों के पास जमीन उपलब्ध न होने का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया था। इस पर सरकार ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जल्द से जल्द जमीन खरीदकर पंचायत भवनों का निर्माण कराया जाए। इसके लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया था। इसके बावजूद अब तक छह ग्राम पंचायतों में जमीन की तलाश पूरी नहीं हो सकी है। पंचायत भवन निर्माण के लिए आवंटित फंड विभागीय खातों और ग्राम पंचायत के फंड में ही फंसा रह गया। प्रत्येक पंचायत भवन के निर्माण पर 17 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। सरकार की ओर से हर साल तीन पंचायत भवनों के निर्माण के लिए बजट भी भेजा गया, जिन्हें ग्राम सचिवालय के रूप में विकसित करने के निर्देश थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। इन सचिवालयों में ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, पटवारी, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य ग्राम स्तरीय कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होनी थी। साथ ही एक पंचायत सहायक की तैनाती भी प्रस्तावित थी। दावा किया गया था कि ग्राम सचिवालयों को इंटरनेट और कंप्यूटर जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को जन्म, मृत्यु, जाति, आय प्रमाण पत्र, पेंशन आवेदन और विकास योजनाओं से जुड़ी सेवाएं गांव में ही मिल सकें।
हालांकि, 12 ग्राम पंचायतों में भवन न होने के कारण ग्रामीणों को इन सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। कई गांवों में पंचायत की बैठकें, अभिलेखों का रखरखाव और सरकारी योजनाओं से जुड़ा काम खुले में या अस्थायी स्थानों पर किया जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों को परेशानी होती है, बल्कि ग्रामीणों को भी समय पर सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
जिला पंचायती राज अधिकारी अजय यादव ने बताया कि तीन ग्राम पंचायतों में भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। छह ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, छह ग्राम पंचायतों में जमीन विवाद और जमीन उपलब्ध न होने के कारण अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

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