उत्तर प्रदेश : हापुड़ के इस गांव में तेंदुए की दहशत बरकरार, दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी

Hapur News : जनपद हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र अंतर्गत किठौर रोड पर स्थित ग्राम हरनाथपुर कोटा गांव में तेंदुए की दहशत दूसरे दिन भी बनी रही। तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग की टीमें लगातार खेतों में कांबिंग कर रही हैं। गुरुवार को दूसरे दिन भी ड्रोन की मदद से ईख और गेहूं के खेतों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन देर शाम तक तेंदुए का कोई सुराग नहीं लग सका।
घटना की शुरुआत बुधवार सुबह हुई थी, जब ग्राम हरनाथपुर कोटा निवासी युवक विमल कुमार सुबह करीब 11 बजे अपने घर से किठौर रोड स्थित क्रेशर पर काम करने जा रहा था। रास्ते में गांव निवासी तेजपाल चौधरी के खेतों के पास झाड़ियों और ईख के खेत में छिपे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। युवक के हाथ में फावड़ा था, जिससे उसने साहस दिखाते हुए तेंदुए पर वार किया और किसी तरह अपनी जान बचाई। फावड़े के वार से घायल तेंदुआ मौके से छलांग लगाकर पास के ईख के खेतों में घुस गया।
घटना की सूचना मिलते ही बाबूगढ़ थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के खेतों में काफी देर तक तेंदुए की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद संभावित इलाकों में जाल लगाए गए ताकि तेंदुए को पकड़ा जा सके।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और रेस्क्यू करने के लिए मेरठ और मथुरा से विशेषज्ञ टीमों को बुलाया गया है। ये टीमें ट्रैंकुलाइज गन और जाल के साथ खेतों में लगातार उसकी तलाश करती रहीं, ताकि तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ा जा सके, लेकिन गुरुवार शाम तक अभियान को सफलता नहीं मिल सकी।
गुरुवार सुबह एक बार फिर वन विभाग की टीमों ने अभियान तेज कर दिया। खेतों की घेराबंदी कर ड्रोन कैमरों से ईख के खेतों, नालों और झाड़ियों की निगरानी की गई। इसके बावजूद घनी फसल और बड़े क्षेत्र में फैलाव के कारण तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका।
तेंदुए की तलाश के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस और वन विभाग की टीमों ने ग्रामीणों को संभावित इलाकों में जाने से मना किया और अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
समाचार लिखे जाने तक गुरुवार देर शाम वन विभाग और पुलिस की टीमें तेंदुए की तलाश में जुटी हुई थीं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ नहीं लिया जाता और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।





