Himachal Anti Drug Drive: चिट्टे के खि़लाफ़ अभियान को और तेज़ किया जाएगा: मुख्यमंत्री
संख्याः 52/2026 शिमला 09 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज प्रदेश सचिवालय शिमला से पुलिस विभाग के 18 अत्याधुनिक एंटी-चिट्टा एवं पैट्रोल वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खि़लाफ़ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक तेज किया जाएगा और इसके लिए पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इन वाहनों में 12 एंटी-चिट्टा वाहन, चार एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग वाहन और बचाव अभियानों के लिए दो एंबुलेंस शामिल हैं, जो प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई में तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार पुलिस को स्मार्ट उपकरणों, आधुनिक वाहनों, डिजिटल निगरानी प्रणाली और उन्नत संचार साधनों से सशक्त बना रही है ताकि अपराध पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि नए एंटी-चिट्टा वाहन नशा तस्करी की रोकथाम के साथ-साथ गश्त, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को भी बढ़ाएंगे, जिससे पुलिस की कार्यकुशलता और क्षेत्रीय पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य एक तकनीक-सक्षम, उत्तरदायी और जनहितैषी पुलिस व्यवस्था स्थापित करना है और इसके लिए चरणबद्ध तरीके से पुलिस आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण और संसाधनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है और पुलिस बल को मजबूत करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश पुलिस ने नशे के बड़े नेटवर्क तोड़े हैं, करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं और कई तस्करों को जेल भेजा है। एनडीपीएस एक्ट और पीआईटी-एनडीपीएस जैसे कड़े कानूनों के तहत सरकार ने न केवल गिरफ्तारियां की हैं बल्कि नशे के पूरे इको-सिस्टम पर निर्णायक प्रहार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस बल के मनोबल और करियर प्रगति पर भी विशेष ध्यान दे रही है और पिछले वर्ष के दौरान 274 कांस्टेबल, 98 इंस्पेक्टर, 225 सब इंस्पेक्टर और 225 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को पदोन्नत किया गया है, जबकि अन्य कैडर में 95 कर्मियों और ड्राइवर कैडर में 31 पदोन्नतियां की गई हैं, जिससे नेतृत्व और कार्य क्षमता दोनों मजबूत हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीसीटीएनएस के तहत हिमाचल प्रदेश ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है और आईसीजेएस में भी राज्य ने अपनी श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है, वहीं यौन अपराधों की जांच निगरानी प्रणाली आईटीएसएसओ में अनुपालना दर 93 प्रतिशत से अधिक रही है, जो दर्शाता है कि हिमाचल पुलिस लगातार आधुनिक, सक्षम और परिणामोन्मुख बन रही है। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


