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CM Sukhvinder Singh Sukhu: खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए हिमाचल में खेल अधोसंरचना का तेजी से हो रहा विकास: मुख्यमंत्री सुक्खू

CM Sukhvinder Singh Sukhu: खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए हिमाचल में खेल अधोसंरचना का तेजी से हो रहा विकास: मुख्यमंत्री सुक्खू

 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि खेलों को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार आधुनिक खेल अधोसंरचना, बेहतर सुविधाएं, आकर्षक पुरस्कार राशि, डाइट मनी में बढ़ोतरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है, ताकि अधिक से अधिक युवा खेलों की ओर प्रेरित हों।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे वे सामाजिक बुराइयों से दूर रह सकें। बेहतर पुरस्कार राशि और रोजगार के अवसरों जैसे प्रोत्साहनों के कारण युवा तेजी से खेल गतिविधियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार खेलों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दे रही है, जबकि पूर्व सरकारों ने इस क्षेत्र की अनदेखी की थी।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत खेल कोटा निर्धारित किया गया है। वर्ष 2024 से अब तक इस कोटे के अंतर्गत 99 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। खेलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रदेश के 68 खंडों में युवा स्वयंसेवकों की नियुक्ति की गई है और प्रत्येक जिला मुख्यालय में भी एक स्वयंसेवक तैनात किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में खेल गतिविधियों पर 3.2 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि वर्तमान वित्त वर्ष में 4 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। राज्य में खेल मैदानों के निर्माण, रखरखाव और आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने नादौन में बन रहे इंडोर बहुद्देशीय खेल परिसर का उल्लेख करते हुए बताया कि लगभग 9,735 वर्ग मीटर क्षेत्र में 112.49 करोड़ रुपये की लागत से इस परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इसमें शूटिंग रेंज, स्विमिंग पूल, जिम, कुश्ती, बॉक्सिंग, कबड्डी, योग हॉल, टेबल टेनिस सुविधाएं, चार बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल और टेनिस कोर्ट के साथ-साथ कैफेटेरिया, प्रतीक्षालय और कार्यालय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। ओलंपिक, विंटर ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं को अब 5 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। एशियाई और पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये, रजत के लिए 2.50 करोड़ रुपये और कांस्य के लिए 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसी तरह राष्ट्रमंडल और पैरा राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये, रजत को 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों की डाइट मनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। राज्य से बाहर प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अब 500 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी दी जा रही है। अंडर-17 खिलाड़ियों की डाइट मनी 150 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये और अंडर-19 खिलाड़ियों की 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। खेल छात्रावासों में रहने वाले खिलाड़ियों की डाइट मनी भी 150 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिदिन की गई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और खेल जगत में भी उन्होंने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने महिला टी-20 विश्वकप में रेणुका ठाकुर के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पांच विकेट ने टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई।

 

मुख्यमंत्री ने ढाका में आयोजित महिला विश्व कप कबड्डी-2025 में खिताब जीतने वाली भारतीय टीम में हिमाचल की खिलाड़ियों कप्तान रितु नेगी, उपकप्तान पुष्पा राणा, साक्षी शर्मा, भावना और चंपा के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने चंबा जिले के रेटा गांव की सीमा, जिन्होंने राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 25,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा, और शिमला जिले के रोहड़ू की ज्योतिका दत्ता, जिन्होंने फेंसिंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता, का विशेष उल्लेख किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर खेल अधोसंरचना, बढ़ी हुई पुरस्कार राशि और सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण हिमाचल में नई पीढ़ी के चैंपियन तैयार हो रहे हैं। प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और हिमाचल खेलों के क्षेत्र में ‘ग्राउंड लेवल से ग्लोबल’ स्तर तक मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

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