Noida: भंगेल एलिवेटेड कॉरिडोर विवाद गहरा: 150 करोड़ बकाया, नोएडा प्राधिकरण खुद बना सकता है नीचे की सड़क

Noida: भंगेल एलिवेटेड कॉरिडोर विवाद गहरा: 150 करोड़ बकाया, नोएडा प्राधिकरण खुद बना सकता है नीचे की सड़क
नोएडा। भंगेल एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे बनने वाली करीब 5.5 किलोमीटर लंबी सड़क को लेकर नोएडा प्राधिकरण और निर्माण एजेंसी यूपी स्टेट ब्रिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ब्रिज कॉर्पोरेशन ने प्राधिकरण को एक पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया है कि बकाया भुगतान किए बिना वह नीचे की सड़क और अन्य अधूरे कार्य पूरे करने में सक्षम नहीं है। एजेंसी का दावा है कि प्राधिकरण को अभी भी लगभग 150 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। इस पत्र के बाद निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया है और हजारों लोगों को रोजाना जाम व खराब सड़क की वजह से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
प्राधिकरण ने इस पत्र की प्राप्ति की पुष्टि की है और कहा है कि यदि ब्रिज कॉर्पोरेशन वित्तीय कारणों से कार्य करने में असमर्थ है, तो प्राधिकरण आने वाली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखकर स्वयं सड़क का निर्माण कराने का निर्णय ले सकता है। अधिकारियों का कहना है कि भंगेल कॉरिडोर के नीचे की सड़क सेक्टर 81, 82, 83, 84, 91, 93, 94 के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा व दिल्ली जाने वाले मार्गों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। खराब सड़क के कारण वाहन चालक रोजाना खतरनाक स्थितियों का सामना कर रहे हैं, और ट्रैफिक समस्याएँ लगातार बढ़ रही हैं।
दावा है कि मूल्य वृद्धि, जीएसटी अंतर, और देरी से भुगतान पर ब्याज सहित कई मदों में राशि बकाया है। कई बार रिमाइंडर देने के बाद भी भुगतान न होने से नाराज ब्रिज कॉर्पोरेशन ने गत वर्ष नवंबर में एग्रीमेंट की धारा-34 के अंतर्गत मध्यस्थ नियुक्त करने की मांग की थी। एजेंसी का कहना है कि बिना भुगतान सड़क निर्माण, सर्विस रोड, ड्रेनेज चैनल, स्ट्रीट लाइट और अन्य कार्य पूरे करना संभव नहीं है। उसने या तो इन दायित्वों से मुक्त करने या अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये की मांग रखी है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नोएडा प्राधिकरण खुद सड़क निर्माण का जिम्मा अपने हाथ में लेकर कार्य को तेज करेगा, या फिर वित्तीय विवाद का समाधान होने का इंतजार करेगा। फिलहाल इलाके के लोगों की सबसे बड़ी मांग है कि सड़क निर्माण जल्द शुरू हो ताकि उन्हें राहत मिल सके। रोजाना हजारों वाहन इस रूट से गुजरते हैं और लंबी देरी से हादसों की आशंका भी बढ़ रही है।
स्थानीय निवासियों और उद्योग संगठनों ने उम्मीद जताई है कि प्राधिकरण जल्द निर्णय लेगा और निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, क्योंकि यह परियोजना पूरे क्षेत्र के विकास और यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।





