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Teacher Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले केस में पार्थ चटर्जी को हाईकोर्ट से मिली जमानत

Teacher Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले केस में पार्थ चटर्जी को हाईकोर्ट से मिली जमानत

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती अनियमितता मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी को जमानत दे दी है। जस्टिस शुभ्रा घोष की सिंगल बेंच ने चटर्जी को कड़ी शर्तों के साथ राहत दी। अदालत ने आदेश दिया कि चटर्जी अपना पासपोर्ट जमा करें और निचली अदालत की अनुमति के बिना अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जाएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि मुकदमा लंबित रहने तक उन्हें किसी भी सार्वजनिक पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा।

पार्थ चटर्जी पर आरोप है कि उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों, सहायक विद्यालय शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अन्य पदों पर अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति में अहम भूमिका निभाई। यह मामला 2022 में सामने आए कथित शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में असफल रहे कई उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनके अनुसार भारी पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और पैसे लेकर ऐसे लोगों को नियुक्त किया गया, जो पात्रता मानदंडों पर खरे नहीं उतरे।

8 जून, 2022 को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले में सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपा। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू की। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 24 जून, 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग की दिशा में अलग से मामला दर्ज किया और कई छापेमारी की। ईडी की कार्रवाई के दौरान पार्थ चटर्जी के करीबी सहयोगियों के ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और संपत्ति बरामद हुई, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया और तृणमूल कांग्रेस ने भी दूरी बना ली।

दो साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद चटर्जी को अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि, कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और उनके खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही जारी रहेगी। यह फैसला पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि विपक्ष लगातार इस घोटाले को मुद्दा बनाकर राज्य सरकार पर हमलावर रहा है।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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