Court Decision: दीपिका नागर हत्या मामले में ननद तनीशा की जमानत अर्जी खारिज, अदालत ने माना गंभीर मामला
Court Decision: दीपिका नागर हत्या मामले में ननद तनीशा की जमानत अर्जी खारिज, अदालत ने माना गंभीर मामला
नोएडा में विवाहिता दीपिका नागर की मौत के मामले में नामजद आरोपी ननद तनीशा उर्फ तन्नी को अदालत से राहत नहीं मिली है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार-1 की अदालत ने आरोपी महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता, गवाहों के बयानों और केस डायरी में मौजूद साक्ष्यों को देखते हुए जमानत देने से इनकार किया।
मामला थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार दीपिका नागर के पिता संजय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी बेटी दीपिका का विवाह 11 दिसंबर 2024 को जलपुरा निवासी रितिक के साथ हुआ था।
शादी के बाद ससुराल पक्ष के लोगों पर अतिरिक्त दहेज की मांग करने का आरोप लगाया गया। आरोप है कि दीपिका से फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
परिजनों के अनुसार 17 मई 2026 को दीपिका ने अपने पिता को फोन कर बताया था कि ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और दहेज की मांग को लेकर परेशान कर रहे हैं। इसके बाद उसी रात परिजनों को सूचना मिली कि दीपिका छत से गिर गई है।
सूचना मिलने के बाद जब परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो दीपिका मृत अवस्था में मिली। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और जांच शुरू हुई। पुलिस ने इस मामले में ननद तनीशा उर्फ तन्नी सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि विवाहिता की मृत्यु शादी के सात वर्ष के भीतर अस्वाभाविक परिस्थितियों में हुई है, जिससे मामला गंभीर हो जाता है।
एडीजीसी अपराध धर्मेंद्र जयंत ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा।

