Himachal Pradesh: उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ सकती हैं बादल फटने की घटनाएं, मुख्यमंत्री सुक्खू की चेतावनी

Himachal Pradesh: उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ सकती हैं बादल फटने की घटनाएं, मुख्यमंत्री सुक्खू की चेतावनी
Sukhvinder Singh Sukhu ने मंगलवार को शिमला के Gaiety Theatre में नगर निगम शिमला के पूर्व उप-महापौर टिकेंद्र पंवर द्वारा संपादित पुस्तक ‘सिटी लिमिट्स-द क्राइसिज ऑफ अर्बनाइजेशन’ के विमोचन कार्यक्रम में कहा कि भविष्य में बादल फटने की घटनाएं केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी इनकी संख्या बढ़ सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश ने दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है, जिससे राज्य को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि अब बादल फटने की घटनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है, क्योंकि ऐसी घटनाएं अब केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहीं बल्कि निचले इलाकों में भी देखने को मिल रही हैं। उन्होंने सिराज विधानसभा क्षेत्र में हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में उन्होंने इस विषय को उठाया था और चेतावनी दी थी कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण भविष्य में उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बादल फटने जैसी आपदाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिमला शहर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया that शहर को बिजली और तारों के जाल से मुक्त करने के लिए 145 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत डक्ट परियोजना चलाई जा रही है। इसके अलावा सब्जी मंडी क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक परिसर बनाया जा रहा है और लिफ्ट क्षेत्र के पास अंडरपास परियोजना भी प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि शिमला में 24 घंटे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 800 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना पर काम चल रहा है। साथ ही सर्कुलर रोड के चौड़ीकरण और हरित क्षेत्रों को बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं ताकि शहर की सुंदरता और पर्यावरण संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिम-चंडीगढ़, हिम-पंचकूला और कांगड़ा में एयरो सिटी जैसी नई शहरीकरण परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। इसके साथ पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
कार्यक्रम में Justice Tarlok Singh Chauhan ने भी लोगों से पर्यावरण और शहरी व्यवस्थाओं के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ते ट्रैफिक और अव्यवस्थित शहरीकरण के लिए केवल पर्यटक ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि स्थानीय लोगों को भी आत्ममंथन करने की जरूरत है।
इस अवसर पर शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, डीजी होमगार्ड्स सतवंत अटवाल और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



