Noida Cyber Crime: नोएडा में व्हाट्सएप डीपी लगाकर 94.60 लाख की साइबर ठगी, कंपनी अकाउंटेंट बना शिकार
Noida Cyber Crime: नोएडा में व्हाट्सएप डीपी लगाकर 94.60 लाख की साइबर ठगी, कंपनी अकाउंटेंट बना शिकार
Noida में साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप डीपी और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर एक कंपनी के अकाउंटेंट से 94.60 लाख रुपये की बड़ी ठगी कर ली। ठगों ने कंपनी निदेशक की फोटो लगाकर भरोसा जीता और तत्काल भुगतान के नाम पर रकम ट्रांसफर करा ली। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार सेक्टर-110 स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत अकाउंटेंट अमित कुमार मित्तल ने शिकायत दर्ज कराई कि 8 मई को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप संदेश आया। मैसेज भेजने वाले ने अपनी प्रोफाइल फोटो में कंपनी के निदेशक की तस्वीर लगा रखी थी, जिससे उन्हें लगा कि संदेश वास्तव में कंपनी निदेशक की ओर से भेजा गया है।
आरोपी ने खुद को कंपनी का निदेशक बताते हुए कहा कि एक कारोबारी को तुरंत भुगतान करना जरूरी है। इसके बाद उसने अकाउंटेंट पर जल्दी पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। आरोपी ने कहा कि कंपनी के आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक खातों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं है, इसलिए दूसरे खाते में भुगतान करना होगा।
ठग ने इसके बाद एक बैंक खाता नंबर भेजा और उसी खाते में 94.60 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद जब अमित कुमार मित्तल ने वास्तविक कंपनी निदेशक से संपर्क किया, तब उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने तुरंत एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की शुरुआती जांच में जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई, उससे जुड़ी कुछ अहम जानकारी मिली है। साइबर पुलिस बैंक से संपर्क कर रकम को फ्रीज और होल्ड कराने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। डीसीपी साइबर क्राइम Shaivya Goyal ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साइबर टीम सभी तकनीकी तथ्यों को खंगाल रही है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल अपराधी व्हाट्सएप डीपी, कंपनी लोगो और अधिकारियों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों में केवल मैसेज के आधार पर कोई बड़ा भुगतान नहीं करना चाहिए और रकम ट्रांसफर करने से पहले संबंधित अधिकारी से फोन या वीडियो कॉल पर पुष्टि जरूर करनी चाहिए।


