YIEDA: में यूपी की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की सॉइल और वाटर टेस्टिंग पूरी, डेढ़ साल में शुरू होगा प्रोडक्शन

YIEDA: में यूपी की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की सॉइल और वाटर टेस्टिंग पूरी, डेढ़ साल में शुरू होगा प्रोडक्शन
नोएडा। उत्तर प्रदेश को तकनीकी रूप से नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIEDA) क्षेत्र में प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। यूनिट के निर्माण के लिए जरूरी मृदा और जल की जांच पूरी कर ली गई है और अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि यह अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर यूनिट करीब डेढ़ साल में उत्पादन शुरू कर देगी।
इस सेमीकंडक्टर यूनिट में सालाना करीब 2,40,000 यूनिट स्माल पैनल ड्राइवर आईसी और डिस्प्ले इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्माण किया जाएगा। यह यूनिट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए भी एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
एचसीएल और फॉक्सकॉन की साझेदारी से यीडा क्षेत्र में इस सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना की जा रही है। इसके लिए वामा सुदंरी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम सेक्टर-28 में 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इससे पहले प्राधिकरण ने सेक्टर-10 में 50 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन कंपनी ने तेजी से काम शुरू करने के लिए पहले से विकसित हो रहे सेक्टर में जमीन देने का आग्रह किया था। इसी कारण सेक्टर-28 में जमीन का आवंटन किया गया।
हालांकि कंपनी के नाम में बदलाव की प्रक्रिया के चलते निर्माण कार्य शुरू होने में कुछ देरी हुई। अब मैसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड इस सेमीकंडक्टर यूनिट का निर्माण और संचालन करेगी। सभी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद मृदा और जल जांच का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है, जिससे निर्माण कार्य का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
यीडा प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि कंपनी ने डेढ़ साल में चिप उत्पादन शुरू करने का भरोसा दिया है। यूनिट में करीब 3706.15 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इससे लगभग चार हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
प्राधिकरण क्षेत्र में पहले से मेडिकल डिवाइस पार्क और अन्य औद्योगिक इकाइयों का विकास किया जा रहा है। यहां बनने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स का उपयोग इन्हीं औद्योगिक इकाइयों में किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता कम होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यूनिट के शुरू होने से उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा।
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