YEIDA Board Meeting: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 88वीं बोर्ड बैठक में लिए गए बड़े फैसले, औद्योगिक निवेश और योजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

YEIDA Board Meeting: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 88वीं बोर्ड बैठक में लिए गए बड़े फैसले, औद्योगिक निवेश और योजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार
नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 88वीं बोर्ड बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई, जिसमें क्षेत्र के औद्योगिक, आवासीय और संस्थागत विकास से जुड़े कई अहम और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में भूखंड आवंटन, लंबित बकाया मामलों के समाधान, नई औद्योगिक योजनाओं और शैक्षणिक व पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार इन फैसलों से यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्राधिकरण की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 20 जनवरी 2026 तक कुल प्राप्तियां 2669.12 करोड़ रुपये रहीं, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 120 प्रतिशत से अधिक है। वहीं राजस्व व्यय भी बढ़कर 5498.49 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे स्पष्ट है कि प्राधिकरण तेजी से विकास कार्यों पर खर्च कर रहा है।
बोर्ड बैठक में एकमुश्त समाधान नीति 2025-26 को लागू करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इस नीति के तहत औद्योगिक, आवासीय, बीएफएसआई, संस्थागत और मिक्स लैंड यूज श्रेणियों के बकायेदारों को राहत दी जाएगी। नीति के अंतर्गत आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तय की गई है, इसके बाद किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस नीति से लंबे समय से लंबित मामलों का निस्तारण होगा और प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी।
बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र के 29 गांवों में 07 प्रतिशत आबादी भूखंडों के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अब तक कुल 6263 भूखंडों में से 4246 भूखंडों का विकास कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष भूखंडों पर परियोजना विभाग द्वारा तेजी से कार्य कराया जा रहा है, ताकि ग्रामीण आबादी को समय पर सुविधाएं मिल सकें।
औद्योगिक विकास की दिशा में सेक्टर-29 में विकसित किए जा रहे अपैरल पार्क की प्रगति की जानकारी भी बोर्ड को दी गई। यहां कुल 173 औद्योगिक भूखंडों में से 156 का आवंटन हो चुका है। इनमें से 106 भूखंडों पर लीज डीड निष्पादित की जा चुकी है और 15 भूखंडों पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी एक अहम निर्णय लेते हुए सेक्टर-34 में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय की स्थापना के लिए भूखंड आवंटन को मंजूरी दी गई। यह विद्यालय प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक संचालित होगा और इस भूमि का उपयोग केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए ही किया जाएगा।
इसके अलावा बोर्ड बैठक में औद्योगिक भूखंडों की तीन नई योजनाओं को भी स्वीकृति दी गई, जिनमें कुल 87 भूखंड शामिल हैं। इन योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। प्राधिकरण का मानना है कि इन योजनाओं से नए निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा।
धार्मिक और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में प्रस्तावित हेरिटेज सिटी परियोजना के तहत पिलग्रिम गेटवे कॉम्प्लेक्स विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। बोर्ड ने भूमि उपयोग में आवश्यक बदलावों पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है, जिससे आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि 88वीं बोर्ड बैठक में लिए गए ये फैसले यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को औद्योगिक, शैक्षणिक और पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाएंगे और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।





