World TB Day Awareness: टीबी मुक्त भारत के लिए निकली जागरूकता रैली, अधूरा इलाज खतरनाक

World TB Day Awareness: टीबी मुक्त भारत के लिए निकली जागरूकता रैली, अधूरा इलाज खतरनाक
देश को Tuberculosis मुक्त बनाने के संकल्प के साथ नई दिल्ली में जागरूकता अभियान तेज किया गया। विश्व टीबी दिवस के अवसर पर GTB Hospital के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया गया।
इस दौरान University College of Medical Sciences के एमबीबीएस छात्रों ने एक जागरूकता रैली निकाली, जिसे प्राचार्य प्रो. धीरज साह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली जीटीबी अस्पताल परिसर से शुरू होकर चेस्ट क्लीनिक तक पहुंची, जहां लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है, बशर्ते समय पर इसकी पहचान हो और मरीज दवा का पूरा कोर्स नियमित रूप से पूरा करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मरीज बीच में दवा छोड़ देता है, तो यह Multidrug-resistant Tuberculosis में बदल सकती है, जो ज्यादा खतरनाक और इलाज में कठिन होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दो सप्ताह से अधिक खांसी, लगातार बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना और बलगम में खून आना टीबी के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीबी छुआछूत की बीमारी नहीं है, बल्कि यह हवा के माध्यम से फैलती है, इसलिए मरीजों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए।
सरकार द्वारा चलाई जा रही Nikshay Yojana के तहत टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि वे जागरूक रहें, समय पर जांच कराएं और इलाज को बीच में न छोड़ें, ताकि देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सके।
इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम न केवल बीमारी के प्रति समझ बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।





