
World Hearing Day 2026: एम्स दिल्ली में बच्चों के लिए विशेष सुनवाई जांच शिविर
नई दिल्ली। 3 मार्च को एम्स दिल्ली विश्व श्रवण दिवस मना रहा है। इस वर्ष की थीम ‘समुदाय से कक्षा तक – सभी बच्चों के लिए श्रवण देखभाल’ रखी गई है, जिसका उद्देश्य बच्चों में सुनने की समस्या की जल्दी पहचान करना और समय पर उपचार को बढ़ावा देना है।
एम्स के ईएनटी विभाग के प्रमुख डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि बचपन में सुनने की क्षमता में कमी यदि समय पर पहचानी न जाए तो यह बच्चों की बोलने-समझने की क्षमता, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर गंभीर असर डाल सकती है। इसलिए नवजात शिशुओं में नियोनेटल हियरिंग स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है, जो एम्स में नियमित रूप से की जा रही है।
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. कपिल सिक्का के अनुसार जन्म के 24 से 48 घंटे के भीतर ही सुनने की जांच संभव है। गंभीर मामलों में बच्चों का इलाज कॉक्लियर इम्प्लांट या आधुनिक तकनीकों जैसे ऑडिटरी ब्रेन स्टेम इम्प्लांट से किया जा सकता है। वहीं डॉ. पूनम सागर ने युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि तेज आवाज, हेडफोन और लंबे समय तक लाउड म्यूजिक सुनना सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है।
विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर एम्स में 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त श्रवण जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। यह स्क्रीनिंग ईएनटी ओपीडी (न्यू आरके ओपीडी, सी-विंग, कमरा नंबर सी-603) में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को समय पर जांच के लिए जरूर लाएं ताकि सुनने से संबंधित किसी भी समस्या का शीघ्र पता लगाया जा सके और आवश्यक इलाज शुरू किया जा सके।




