उत्तर प्रदेश : वृंदावन में अनूठा नव वर्ष, ठाकुर जी को केक का भोग लगाकर किया 2026 का अभिनंदन

Mathura News : कान्हा की नगरी वृंदावन में नए साल का स्वागत बेहद अनोखे और भावनात्मक तरीके से किया गया। जहाँ एक ओर मंदिरों में घंटों-घड़ियालों की गूंज रही, वहीं दूसरी ओर भक्तों ने आधुनिकता और परंपरा के संगम के साथ वर्ष 2026 का आगाज किया। वृंदावन पहुंचे देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने वर्ष 2025 को भावपूर्ण विदाई दी और अपने आराध्य के साथ नए साल का जश्न मनाया।
भक्ति और उत्सव का संगम नए साल की पूर्व संध्या पर वृंदावन के विभिन्न आश्रमों और गेस्ट हाउसों में भक्तों की भारी भीड़ जुटी। इस बार जश्न का तरीका कुछ खास रहा। भक्तों ने आधी रात को केक काटकर खुशियां मनाईं, लेकिन इस उत्सव का केंद्र बिंदु भगवान श्रीकृष्ण (ठाकुर जी) रहे। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले केक का भोग अपने लाडले ठाकुर जी को लगाया। उनका मानना है कि जीवन की हर खुशी की शुरुआत कान्हा के साथ होनी चाहिए।
एक-दूसरे को दीं ‘राधे-राधे’ के साथ शुभकामनाएं ठाकुर जी को भोग लगाने के बाद भक्तों ने एक-दूसरे को केक खिलाकर नव वर्ष 2026 की बधाई दी। इस दौरान पूरा वातावरण ‘हैप्पी न्यू ईयर’ और ‘राधे-राधे’ के सम्मिलित जयकारों से गुंजायमान रहा। दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों से आए युवाओं में भी भक्ति का ऐसा रंग चढ़ा कि वे पश्चिमी सभ्यता के शोर को भूलकर आध्यात्मिक संकीर्तन पर झूमते नजर आए।
आध्यात्मिक संकल्प के साथ शुरुआत वृंदावन पहुंचे भक्तों का कहना है कि नए साल पर ब्रज की रज में होना सौभाग्य की बात है। केक काटने के साथ-साथ कई स्थानों पर सामूहिक हनुमान चालीसा और विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रार्थना की कि नया साल 2026 सभी के जीवन में शांति और खुशहाली लेकर आए।


