उत्तर प्रदेश, नोएडा: क्या है लो-कार्बन LC3 सीमेंट, जो पहली बार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में इस्तेमाल हुई?
उत्तर प्रदेश, नोएडा: क्या है लो-कार्बन LC3 सीमेंट, जो पहली बार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में इस्तेमाल हुई?
अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) भारत का पहला ऐसा बड़ा प्रोजेक्ट है जिसके निर्माण में लो-कार्बन LC3 सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है. यह निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट का एक विकल्प है. इसे तैयार करने में करीब 10 साल का समय लगा है. इसे बनाने में IIT दिल्ली और मद्रास के साथ स्विस डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन समेत कई संस्थानों का अहम रोल रहा है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर का कहना है, भारत में हम पहली बार बड़े स्तर पर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. इस खास तरह की सीमेंट का इस्तेमाल बताता है कि कैसे देश में निर्माण के भविष्य के लिए एक नया स्टैंडर्ड स्थापित किया जा सकता है. दावा किया जाता है कि दूसरी पोर्टलैंड सीमेंट की तुलना में लो-कार्बन LC3 सीमेंट कम कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जित करता है. जानिए, क्यों खास है लो-कार्बन LC3 सीमेंट, यह कैसे बनी और इसके इस्तेमाल से क्या-क्या बदलेगा.
क्यों खास है लो-कार्बन LC3 सीमेंट?
इसका पूरा नाम है लो-कार्बन लाइमस्टोन कैल्सिंड क्ले सीमेंट. इसे बनाने का तरीका थोड़ा अलग है जिसके कारण कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उत्सर्जन 40 फीसदी तक कम हुआ है. यह क्यों खास है अब इसे भी समझ लेते हैं. आमतौर पर पोर्टलैंड सीमेंट में 95 फीसदी क्लिंकर का इस्तेमाल किया जाता है. इसके कारण निर्माण के दौरान ज्यादा एनर्जी और बिजली की जरूरत होती है. यही कार्बन-डाई-ऑक्साइड के अधिक मात्रा में रिलीज होने की वजह बनती है.
इस नई तरह की सीमेंट को बनाने दौरान इसी क्लिंकर को करीब 50 फीसदी तक घटा दिया गया है. यही वजह है कि कार्बन का उत्सर्जन 40 फीसदी तक घट गया है. इस सीमेंट को तैयार करने में इंडस्ट्रियल कचरे का इस्तेमाल किया जाता है. इस तरह इसे बनाने के दौरान कचरे का रीयूज होता है और कचरे से पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है.
भारत को दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट मार्केट बनाने का लक्ष्य
जेके सीमेंट, अल्ट्राटेक, डालमिया भारत, श्री सीमेंट और जेके लक्ष्मी सहित सीमेंट की बड़ी कंपनियों ने पहले ही LC3 का बड़े स्तर पर उत्पादन करने की योजना की घोषणा कर दी है. कंपनियों का लक्ष्य भारत को सबसे बड़े सीमेंट बाजार में रूप में तैयार करना है.
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