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UPSIDC: यूपीसीडा के औद्योगिक सेक्टरों में वेंडिंग जोन का काम तेज, एक-दो माह में बनकर तैयार होंगी दुकानें

UPSIDC: यूपीसीडा के औद्योगिक सेक्टरों में वेंडिंग जोन का काम तेज, एक-दो माह में बनकर तैयार होंगी दुकानें

नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने औद्योगिक क्षेत्रों में अतिक्रमण और अव्यवस्थित ठेली-पटरी की समस्या को खत्म करने के लिए वेंडिंग जोन (फुटपाथ बाजार) विकसित करने का काम तेज कर दिया है। सूरजपुर स्थित औद्योगिक सेक्टर साइट-4, साइट-5 और सेक्टर-सी में तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि अगले एक से दो माह के भीतर यहां क्योस्क और छोटी दुकानें बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएंगी, जिसके बाद इनके आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यूपीसीडा की इस पहल से औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही अवैध ठेली-पटरी की समस्या का समाधान होगा। साथ ही, राहगीरों और उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को एक तय स्थान पर जरूरी सामान और खानपान की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। प्राधिकरण ने सूरजपुर साइट-4, 5 और बी, सी में चरणबद्ध तरीके से वेंडिंग जोन विकसित करने की योजना बनाई है, जिस पर अब धरातल पर काम शुरू हो चुका है।

पहले चरण में साइट-4, साइट-5 और सेक्टर-सी में 60 से अधिक दुकानें और क्योस्क बनाए जा रहे हैं। यूपीसीडा के प्रबंधक हरिओम ने बताया कि साइट-4 और साइट-5 में 25-25 दुकानें बनाई जा रही हैं, जबकि सेक्टर-सी में भी क्योस्क विकसित किए जा रहे हैं। आने वाले समय में जरूरत के हिसाब से इन दुकानों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। दुकानें बनकर तैयार होने के बाद इनके आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी, जिसमें उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पहले से इन सेक्टरों में ठेली या पटरी लगाकर अपना रोजगार चला रहे हैं।

अधिकारियों का मानना है कि वेंडिंग जोन के व्यवस्थित हो जाने से न सिर्फ अतिक्रमण की समस्या खत्म होगी, बल्कि औद्योगिक सेक्टरों की सुंदरता और यातायात व्यवस्था में भी सुधार आएगा। सड़कों और फुटपाथों पर लगने वाली अवैध ठेलियों के हटने से पैदल चलने वालों और वाहनों दोनों को राहत मिलेगी।

इसी तरह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भी पथ विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। अब तक अल्फा-2, बीटा-1, बीटा-2, गामा-2, डेल्टा-1, डेल्टा-3, पाई-1, पाई-2 और सेक्टर-36 समेत नौ सेक्टरों में 500 से अधिक पथ विक्रेताओं के लिए एक निश्चित स्थान पर छोटी-छोटी दुकानें और क्योस्क बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा जू-1, जू-3, ओमिक्रोन-1ए और ओमिक्रोन-3 सेक्टरों में 239 दुकानों का निर्माण कार्य फिलहाल जारी है।

बता दें कि वर्ष 2022 में कराए गए सर्वे में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कुल 619 पथ विक्रेताओं को चिन्हित किया गया था। पहले चरण में लॉटरी के माध्यम से 96 पथ विक्रेताओं को बीटा-1, बीटा-2, अल्फा-2 और सेक्टर-36 के फुटपाथ बाजार में स्थान आवंटित किया जाना है। इनमें से 69 पथ विक्रेताओं ने निर्धारित शुल्क भी जमा करा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इन सेक्टरों में आवंटन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, जिसके लिए नए सिरे से सत्यापन का कार्य किया जा रहा है।

यूपीसीडा के वरिष्ठ प्रबंधक नवीन कुमार जैन ने कहा कि औद्योगिक सेक्टरों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसी क्रम में वेंडिंग जोन विकसित किए जा रहे हैं, जहां छोटी-छोटी दुकानें बनाकर ठेली-पटरी लगाने वालों को व्यवस्थित तरीके से स्थान आवंटित किया जाएगा। इससे अतिक्रमण की समस्या दूर होगी और औद्योगिक क्षेत्रों का स्वरूप भी बेहतर होगा।

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