
Umang Vatika: सफदरजंग अस्पताल ने विशेष बच्चों के लिए उद्घाटन किया उत्तर भारत का पहला सेंसरी गार्डन ‘उमंग वाटिका’
नई दिल्ली, 7 जनवरी: वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल ने आज ‘उमंग वाटिका – सेंसरी गार्डन’ का उद्घाटन किया, जो उत्तर भारत में किसी सरकारी अस्पताल में अपनी तरह का पहला सेंसरी गार्डन है। यह पहल विशेष रूप से न्यूरो-डेवलपमेंटल आवश्यकताओं वाले बच्चों सहित सभी बच्चों के संवेदनात्मक उत्तेजना, भावनात्मक संतुलन और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
उद्घाटन समारोह में वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के निदेशक डॉ. (प्रो.) संदीप बंसल ने मुख्य भूमिका निभाई। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारु बंबा, वीएमएमसी की प्राचार्य डॉ. गीतिका खन्ना, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप देबाटा और बाल न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. रचना सहगल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे। डॉ. संदीप बंसल ने बताया कि उमंग वाटिका केवल एक गार्डन नहीं है, बल्कि यह बच्चों में आशा, संवेदनशीलता और समावेशन की भावना को जगाने का प्रतीक है। उनका कहना था कि यह पहल बच्चों के उपचार अनुभव को सकारात्मक बनाने और उनके जीवन में मुस्कान, आत्मविश्वास और मानसिक सुकून लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह परियोजना प्रभावी सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे ‘आस्था’ द्वारा परिकल्पित किया गया, आर-स्क्वेयर्ड फाउंडेशन द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया, तथा सीपीडब्ल्यूडी और सफदरजंग अस्पताल द्वारा इसका क्रियान्वयन किया गया। डिज़ाइन इनपुट ‘किलिकिली’ द्वारा प्रदान किया गया, जबकि बाल तंत्रिका विज्ञान प्रभाग ने इस पहल में रणनीतिक भूमिका निभाई।
उमंग वाटिका में स्थापित उपकरण और प्राकृतिक संसाधन बच्चों की थैरेपी, पुनर्वास और भावनात्मक संतुलन में मदद करेंगे। यह गार्डन विशेष बच्चों के लिए एक सुरक्षित और प्रेरक वातावरण उपलब्ध कराता है, जो उनकी संवेदी और मानसिक विकास प्रक्रिया को प्रोत्साहित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य और समग्र विकास की दिशा में नए मानक स्थापित करेगी।
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