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Stock Market Fraud: शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर बुजुर्ग से 59.5 लाख की ठगी

Stock Market Fraud: शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर बुजुर्ग से 59.5 लाख की ठगी

नोएडा। साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 65 वर्षीय बुजुर्ग से 59.5 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को एक नामी शेयर ट्रेडिंग कंपनी के नाम से बनाए गए फर्जी ग्रुप में शामिल किया था। इसके बाद खुद को सेबी से पंजीकृत बताकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए राजी किया। पीड़ित ने भरोसे में आकर दस से अधिक किस्तों में अलग-अलग बैंक खातों में रकम भेज दी। जब उन्हें निवेश की रकम और कथित मुनाफा वापस नहीं मिला तो ठगी का पता चला।

सेक्टर-76 स्थित जेएम ऑर्किड सोसाइटी निवासी सुरेंद्र कुमार सेठी ने साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी है। वह एक निजी कंपनी से सेवानिवृत्त हैं। पीड़ित के मुताबिक, जनवरी 2026 में उनके व्हाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया था। बातचीत बढ़ने के बाद उन्हें एमएस फार्ले नाम की कथित स्टॉक ब्रोकर फर्म के प्रतिनिधियों से संपर्क कराया गया।

SEBI रजिस्टर्ड होने का किया दावा

पीड़ित के अनुसार, माइकल कॉलिन्स और जतिन शर्मा नाम के लोगों ने खुद को भारत में कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए सेबी से पंजीकृत होने का दावा किया। आरोपियों ने उन्हें घर बैठे ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया।

इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित का एक ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराया। शुरुआत में ऐप पर निवेश की रकम पर मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई दिया। इससे पीड़ित को आरोपियों पर भरोसा हो गया। इसके बाद ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर लगातार रुपये जमा कराए।

दस से ज्यादा किस्तों में भेजी रकम

पीड़ित ने आरोपियों के बताए बैंक खातों में दस से अधिक किस्तों में रकम ट्रांसफर की। धीरे-धीरे उनके द्वारा निवेश की गई रकम 59.5 लाख रुपये तक पहुंच गई। जब उन्होंने निवेश की रकम और कथित मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने रकम वापस नहीं की। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई साइबर ठगी का अहसास हुआ।

पीड़ित ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी की है। उन्होंने पोर्टल पर चार शिकायतें दर्ज कराई हैं।

साइबर थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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