PNB Rajbhasha: पंजाब नैशनल बैंक ने द्वारका मुख्यालय में राजभाषा समारोह और कवि सम्मेलन का किया आयोजन, विजेता विभागों को लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड से किया सम्मानित

PNB Rajbhasha: पंजाब नैशनल बैंक ने द्वारका मुख्यालय में राजभाषा समारोह और कवि सम्मेलन का किया आयोजन, विजेता विभागों को लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड से किया सम्मानित

नई दिल्ली

नई दिल्ली में देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नैशनल बैंक (PNB) ने हिंदी माह के उपलक्ष्य में अपने द्वारका स्थित प्रधान कार्यालय में भव्य राजभाषा समारोह सह कवि सम्मेलन का आयोजन किया। इस अवसर पर लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों और अंचल कार्यालयों को सम्मानित किया गया। समारोह में बैंक की राजभाषा संबंधी उपलब्धियों को रेखांकित किया गया, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया गया तथा साहित्यिक माहौल के बीच कवियों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। कार्यक्रम में बैंक के शीर्ष अधिकारियों के साथ विभिन्न अंचलों से पहुंचे पुरस्कार विजेता अंचल प्रबंधकों ने भी भाग लिया।

समारोह की अध्यक्षता पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (MD एवं CEO) श्री अशोक चंद्र ने की। इस दौरान कार्यपालक निदेशक श्री अमित कुमार श्रीवास्तव, मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) श्री राघवेन्द्र कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री विशेष कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक श्री आशीष करमरकर, सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) डॉ. अनिल कुमार शर्मा सहित बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभागों और अंचल कार्यालयों को लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड प्रतियोगिता के अंतर्गत सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बैंक की कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों और डिजिटल पहलों का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर बैंक की गृह पत्रिका “पीएनबी प्रतिभा”, “राजभाषा चित्रकथा” और “डिजिटल लाइब्रेरी” का अनावरण किया गया। इन पहलों का उद्देश्य बैंक के कर्मचारियों के बीच हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना, राजभाषा संबंधी सामग्री को अधिक सुलभ बनाना और डिजिटल माध्यमों से हिंदी के प्रसार को गति देना है। समारोह के दौरान राजभाषा कार्यान्वयन में बैंक की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया।

अपने संबोधन में एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र ने हाल ही में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में पंजाब नैशनल बैंक को मिली उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बैंक की गृह पत्रिका “पीएनबी प्रतिभा” तथा दिल्ली (बैंक) नराकास को दो ‘राजभाषा कीर्ति प्रथम पुरस्कार’ प्राप्त हुए हैं, जो बैंक के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब नैशनल बैंक राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक ग्राहकों को हिंदी और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराकर भाषाई समावेशन को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।

मुख्य महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री विशेष कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत संबोधन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की और बैंक में हिंदी के प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। वहीं, कार्यपालक निदेशक श्री अमित कुमार श्रीवास्तव ने कर्मचारियों से राजभाषा में अधिकाधिक कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि हिंदी में कामकाज को बढ़ावा देना केवल संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि ग्राहकों से बेहतर संवाद स्थापित करने का भी माध्यम है। उन्होंने कर्मचारियों को राजभाषा के प्रयोग में निरंतर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।

सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में बैंक की राजभाषा संबंधी उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बैंक विभिन्न योजनाओं, प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और डिजिटल पहलों के माध्यम से हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने राजभाषा कार्यान्वयन में कर्मचारियों की भागीदारी को बैंक की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया और भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने की बात कही।

राजभाषा समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे आयोजन को और अधिक आकर्षक बना दिया। प्रख्यात कवि डॉ. प्रवीण शुक्ल और प्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती पद्मिनी शर्मा ने अपनी ओजपूर्ण और भावपूर्ण काव्य प्रस्तुतियों से उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुतियों ने हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और साहित्यिक वातावरण को और अधिक सशक्त बनाया। कवि सम्मेलन के दौरान देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और हिंदी भाषा के महत्व से जुड़ी रचनाओं ने श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।

द्वारका स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित यह राजभाषा समारोह पंजाब नैशनल बैंक की हिंदी और भारतीय भाषाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन रहा। पुरस्कार वितरण, प्रकाशनों के लोकार्पण, डिजिटल पहलों की प्रस्तुति और साहित्यिक कार्यक्रमों के माध्यम से बैंक ने राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन तथा ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच हिंदी के प्रयोग को और मजबूत करने का संदेश दिया।

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