Mathura : नई दिल्ली के लाल किले में लव-कुश रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित भव्य लव-कुश रामलीला और दशहरा समारोह में MAAsterG को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। MAAsterG के संबोधन से पूर्व भारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, लव-कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार, चेयरमैन पवन गुप्ता सहित कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में MAAsterG ने कहा कि लव-कुश को सतगुरु वाल्मीकि का मार्गदर्शन मिला, जिनके ज्ञान से वे इतने महान बने कि आज भी संसार उन्हें याद करता है। यह दर्शाता है कि हर बच्चे के जीवन में एक गुरु अर्थात मार्गदर्शक का होना कितना आवश्यक है ताकि वह जीवन में भटकाव से बच सके। आज बच्चे मोबाइल को ही अपना गुरु मानने लगे हैं, जबकि एक जीवित गुरु के सही मार्गदर्शन से ही जीवन को सही दिशा मिल सकती है और व्यक्ति खुशहाल बन सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत कभी विश्वगुरु था क्योंकि हमारे भीतर श्रीराम का वास था। आज हमने बाहर के राम को तो मूर्ति में स्थापित कर दिया लेकिन भीतर के राम को भुला दिया। उनके स्थान पर भीतर रावण अर्थात अहंकार ने जगह ले ली है। इस अहंकार को मिटाकर अपने भीतर श्रीराम को प्रकट करना है तभी 84 लाख योनियों के चक्र से मुक्ति संभव है। जब हम अपने भीतर के राम को पुनः जागृत करेंगे तभी भारत फिर से विश्वगुरु कहलाएगा। वास्तविक विजयदशमी केवल बाहर के रावण का दहन नहीं बल्कि अपने भीतर के अहंकार का अंत है और इसी आंतरिक परिवर्तन से कलियुग में भी सतयुग प्रकट हो सकता है।


