Noida Water Quality: पेयजल जांच में राहत, दो नमूनों की गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरी

Noida Water Quality: पेयजल जांच में राहत, दो नमूनों की गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरी
नोएडा। शहर के विभिन्न सेक्टरों में पिछले महीने दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायतों के बाद लिए गए पानी के नमूनों की जांच में फिलहाल आंशिक राहत मिली है। जांच के लिए भेजे गए सैंपलों में से अब तक केवल दो की रिपोर्ट प्राप्त हुई है और दोनों में पानी की गुणवत्ता सही पाई गई है। अधिकारियों के अनुसार ये नमूने पीने योग्य हैं और तय मानकों के अनुरूप हैं, जबकि बाकी नमूनों की रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि करीब एक माह पहले ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा, बीटा और डेल्टा क्षेत्रों में दूषित पेयजल की आपूर्ति की शिकायतें सामने आई थीं। इस दौरान कई लोग बीमार पड़ गए थे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्राधिकरण हरकत में आया। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए और पानी की आपूर्ति व्यवस्था की जांच शुरू की गई। इसके साथ ही पानी की गुणवत्ता परखने के लिए विभिन्न स्थानों से नमूने लेकर उन्हें श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च की लैब में जांच के लिए भेजा गया।
लगभग एक महीने बाद अब तक केवल दो नमूनों की रिपोर्ट ही मिल पाई है। अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों रिपोर्टों में पानी को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप पाया गया है। खास बात यह है कि इनमें से एक नमूना उसी घर से लिया गया था, जहां दूषित पानी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इससे संबंधित लोगों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन शेष रिपोर्टों के न आने से अब भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
लैब से रिपोर्ट आने में हो रही देरी को लेकर अधिकारियों का कहना है कि जांच संस्थान पर काम का अत्यधिक दबाव है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद से बड़ी संख्या में पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिस कारण रिपोर्ट तैयार होने में समय लग रहा है। ग्रेटर नोएडा के एसीईओ सुमित यादव ने बताया कि दो नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और बाकी रिपोर्ट भी जल्द मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अब तक आई जांच रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता ठीक पाई गई है और आगे की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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