राज्यउत्तर प्रदेश

Noida vehicle theft: 50 से ज्यादा वाहन चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, मास्टर की से खोलते थे लॉक और बदल देते थे चैचिस नंबर

Noida vehicle theft: 50 से ज्यादा वाहन चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, मास्टर की से खोलते थे लॉक और बदल देते थे चैचिस नंबर

नोएडा। थाना सेक्टर-126 पुलिस ने वाहन चोरी की बड़ी वारदातों का खुलासा करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो अब तक 50 से अधिक दोपहिया वाहन चोरी कर चुके थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पहले रैकी करता था और फिर मास्टर ‘की’ की मदद से बाइक का लॉक खोलकर उसे चुरा ले जाता था। चोरी के बाद पहचान मिटाने के लिए ये लोग पेचकस, छेनी और हथौड़े से इंजन और चैचिस नंबर घिसकर हटाते थे और उस पर फर्जी नंबर अंकित कर देते थे।

गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र उर्फ जीतू निवासी विनोद नगर दिल्ली उम्र करीब 34 वर्ष, शालू उम्र करीब 31 वर्ष और फिरोज खान निवासी हाथरस उम्र करीब 28 वर्ष शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ये तीनों लंबे समय से वाहन चोरी की घटनाओं में लिप्त थे। इनमें से फिरोज एक कुशल मैकेनिक है, जो चोरी की मोटरसाइकिलों को काटकर उनके पार्ट्स अलग-अलग कर देता था और बाजार में बेचने की व्यवस्था करता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मास्टर की, पांच चोरी की मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में बाइक के पार्ट्स बरामद किए हैं। तीनों को रायपुर की ओर जाने वाले पुस्ता रोड से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एनसीआर के विभिन्न इलाकों में सक्रिय थे और खासतौर पर रात के समय पार्किंग स्थलों, कॉरपोरेट ऑफिस, स्कूलों और सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे।

पुलिस के अनुसार हाल ही में थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में बाइक चोरी की दो शिकायतें दर्ज हुई थीं। 24 जनवरी को हीरो स्प्लेंडर प्लस चोरी होने की रिपोर्ट मिली थी, जबकि 30 दिसंबर को भी एक अन्य बाइक चोरी की शिकायत सामने आई थी। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार निगरानी के बाद गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली।

जांच में खुलासा हुआ कि पहले फिरोज खान और शालू इलाके की रैकी करते थे और उपयुक्त वाहन की जानकारी जितेंद्र उर्फ जीतू को देते थे। इसके बाद जीतू मास्टर चाबी से बाइक का लॉक खोलकर उसे चोरी कर ले जाता था। चोरी के बाद बाइक की पहचान खत्म करने के लिए इंजन और चैचिस नंबर मिटा दिए जाते थे, ताकि पुलिस ट्रेस न कर सके।

फिरोज चोरी की गई मोटरसाइकिलों को खोलकर उनके पहिए, मीटर, हैंडल, एलॉय और अन्य महंगे पार्ट्स अलग कर देता था और मांग के अनुसार इन्हें बेच देता था। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है और इनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही अन्य चोरी की घटनाओं में इनकी संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें, लॉक का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

 

Related Articles

Back to top button