Noida Property: नोएडा में 1521 फ्लैट मालिकों को मिलेगा मालिकाना हक, बिल्डर ने जमा किए 80.48 करोड़ रुपये, रजिस्ट्री का रास्ता साफ

Noida Property: नोएडा में 1521 फ्लैट मालिकों को मिलेगा मालिकाना हक, बिल्डर ने जमा किए 80.48 करोड़ रुपये, रजिस्ट्री का रास्ता साफ
नोएडा के सेक्टर-137 स्थित पैरामाउंट फ्लोराविले सोसाइटी के फ्लैट खरीदारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे 1521 फ्लैट मालिकों को अब जल्द ही अपने घर का मालिकाना हक मिलने जा रहा है। परियोजना से जुड़े बिल्डर ने नोएडा प्राधिकरण के पास बकाया राशि के रूप में 80 करोड़ 48 लाख रुपये जमा करा दिए हैं, जिसके बाद फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
यह आवासीय परियोजना लगभग 12.375 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है, जिसमें कुल 16 टावर बनाए गए हैं और इनमें कुल 1521 फ्लैट शामिल हैं। परियोजना के अधिकांश टावरों का निर्माण काफी पहले पूरा हो चुका था, लेकिन प्राधिकरण के पास बकाया राशि जमा न होने के कारण फ्लैटों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया अटकी हुई थी। इस वजह से वर्षों से अपने घर की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे खरीदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
जानकारी के अनुसार इस परियोजना के 16 में से 14 टावरों को 10 मार्च 2015 को ही कंपलीशन सर्टिफिकेट मिल गया था। इसके बावजूद बकाया भुगतान के विवाद के कारण रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। अब बिल्डर द्वारा प्राधिकरण में बकाया राशि जमा करने के बाद स्थिति बदल गई है। बकाया जमा होने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने बाकी बचे दो टावरों का भी कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया है। इसके साथ ही अब सभी 16 टावर औपचारिक रूप से पूर्ण घोषित हो गए हैं और फ्लैटों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार बिल्डर ने यह भुगतान अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत लागू किए गए विशेष पैकेज के अंतर्गत किया है। इस पैकेज के जरिए कई अटकी हुई आवासीय परियोजनाओं को राहत देने और फ्लैट खरीदारों को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पैरामाउंट फ्लोराविले परियोजना फिलहाल यूपी रेरा के दायरे में नहीं आती है, लेकिन अब इस पर किसी प्रकार का वित्तीय बकाया भी शेष नहीं बचा है।
बताया जा रहा है कि प्राधिकरण और बिल्डर के बीच बकाया राशि को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है और अभी भी अदालत में लंबित है। इसके बावजूद बिल्डर प्रबंधन ने खरीदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए बकाया राशि ‘अंडर प्रोटेस्ट’ यानी आपत्ति के साथ जमा कर दी है, ताकि फ्लैट खरीदारों को और इंतजार न करना पड़े और उनकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो सके।
बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि कंपनी ने हमेशा खरीदारों के हितों को प्राथमिकता दी है। अदालत में मामला विचाराधीन होने के बावजूद कंपनी ने यह फैसला लिया कि खरीदारों को उनके घर का अधिकार जल्द से जल्द मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से बकाया राशि जमा कर दी गई और अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया नियमित रूप से शुरू की जा रही है।
इस फैसले से पैरामाउंट फ्लोराविले सोसाइटी में रहने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से रजिस्ट्री न होने के कारण उन्हें बैंकिंग, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब रजिस्ट्री का रास्ता साफ होने से फ्लैट मालिक अपने घर के कानूनी मालिक बन सकेंगे और भविष्य में संपत्ति से जुड़े काम भी आसानी से कर पाएंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला न केवल इस सोसाइटी के निवासियों के लिए बल्कि नोएडा के अन्य अटके हुए प्रोजेक्ट्स के खरीदारों के लिए भी उम्मीद की किरण साबित हो सकता है। यदि इसी तरह अन्य बिल्डर भी बकाया राशि जमा कर दें तो कई परियोजनाओं में वर्षों से अटकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और हजारों खरीदारों को राहत मिल सकती है।
इस तरह सेक्टर-137 की पैरामाउंट फ्लोराविले सोसाइटी के 1521 फ्लैट खरीदारों के लिए अब इंतजार खत्म होने जा रहा है और जल्द ही उन्हें अपने घर का पूरा कानूनी अधिकार मिलने की उम्मीद है।


