Noida Pollution: हवा की रफ्तार घटी तो बढ़ गया प्रदूषण, दो दिनों में दोगुना हुआ AQI, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में हवा ‘खराब’ श्रेणी में

Noida Pollution: हवा की रफ्तार घटी तो बढ़ गया प्रदूषण, दो दिनों में दोगुना हुआ AQI, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में हवा ‘खराब’ श्रेणी में
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मौसम के बदलते मिजाज के साथ प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ गया है। हवा की गति में अचानक आई कमी के कारण पिछले दो दिनों में दोनों शहरों का वायु प्रदूषण लगभग दोगुना हो गया है। इस महीने के पहले सप्ताह में शनिवार को अब तक का सबसे अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगभग 150 के आसपास था, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। लेकिन सिर्फ दो दिनों के भीतर शनिवार को यह बढ़कर 250 से अधिक पहुंच गया, जिससे हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने पर्यावरण विशेषज्ञों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
शनिवार को नोएडा का AQI 272 दर्ज किया गया, जबकि ग्रेटर नोएडा का AQI 265 रहा। यदि दो दिन पहले के आंकड़ों से तुलना करें तो गुरुवार को नोएडा का AQI 137 और ग्रेटर नोएडा का 152 था। इसका मतलब है कि केवल दो दिनों में नोएडा के AQI में 135 अंकों की बढ़ोतरी हुई, जबकि ग्रेटर नोएडा में 113 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस अचानक बढ़े प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण हवा की गति में आई गिरावट है। कुछ दिन पहले तक क्षेत्र में औसतन 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी, जिससे प्रदूषक कण वातावरण में फैलकर कम हो जाते थे। लेकिन अब हवा की गति घटकर लगभग 6 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई है। हवा धीमी होने के कारण धूल, धुआं और अन्य प्रदूषक कण वातावरण में ही जमा हो रहे हैं, जिससे AQI तेजी से बढ़ रहा है।
ग्रेटर नोएडा में इस महीने की शुरुआत से ही प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। महीने के पहले सात दिनों में से पांच दिन हवा ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि केवल दो दिन ही ‘मध्यम’ श्रेणी में रहे। नोएडा में भी लगभग यही स्थिति देखने को मिली, जहां प्रदूषण लगातार ऊपर-नीचे होता रहा लेकिन पिछले दो दिनों में अचानक तेज उछाल आया।
प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी।
मौसम विभाग के अनुसार अगले छह दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान बढ़कर लगभग 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना है। तापमान में इस बढ़ोतरी के साथ हवा की गति यदि कम बनी रहती है तो प्रदूषण की स्थिति और खराब हो सकती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। साथ ही प्रशासन को भी निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों पर पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
इस तरह मौसम और हवा की रफ्तार में आए बदलाव ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा को फिर से खराब श्रेणी में पहुंचा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं।


