Noida Crime: नौकरी करने से रोकने पर महिला ने दी जान, परिवार में मचा कोहराम

Noida Crime: नौकरी करने से रोकने पर महिला ने दी जान, परिवार में मचा कोहराम
नोएडा के छिजारसी कॉलोनी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक विवाहित महिला ने नौकरी करने से रोके जाने के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान दीपिका कुमारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरदोई जिले की रहने वाली थीं। उनका विवाह करीब एक वर्ष पहले बिहार के मुंगेर जिले निवासी निशांत कुमार के साथ हुआ था। शादी के बाद दीपिका अपने पति और ससुराल वालों के साथ नोएडा के छिजारसी कॉलोनी में किराये के मकान में रह रही थीं। निशांत एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
परिजनों के मुताबिक, शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद की मुख्य वजह दीपिका की नौकरी करने की इच्छा बताई जा रही है। दीपिका प्राइवेट कंपनी में काम करना चाहती थीं, लेकिन ससुराल पक्ष इसके खिलाफ था। इसी बात को लेकर अक्सर घर में कहासुनी होती रहती थी।
रविवार सुबह भी इसी मुद्दे को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 11 बजे परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर बाजार चले गए थे। इसी दौरान दीपिका ने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजन वापस लौटे तो उन्होंने दीपिका को फंदे से लटका हुआ पाया, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक मृतका के मायके पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह घटना एक बार फिर घरेलू विवाद और महिलाओं की स्वतंत्रता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को उजागर करती है। समाज में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने से रोकना कई बार गंभीर मानसिक तनाव का कारण बन जाता है, जिसके दुखद परिणाम सामने आते हैं।





