Noida Holi Health: होली के बाद त्वचा और आंखों की परेशानी बढ़ी, दो दिनों में 383 मरीज अस्पताल पहुंचे

Noida Holi Health: होली के बाद त्वचा और आंखों की परेशानी बढ़ी, दो दिनों में 383 मरीज अस्पताल पहुंचे
नोएडा में होली के त्योहार के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली। रंगों के कारण त्वचा और आंखों में एलर्जी, जलन और संक्रमण की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल पहुंचे। दो दिनों के भीतर कुल 383 मरीजों ने अस्पताल में इलाज कराया, जिससे इमरजेंसी और ओपीडी सेवाओं पर काफी दबाव देखा गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार होली के दिन सामान्य ओपीडी बंद रहने के कारण ज्यादातर मरीज इमरजेंसी विभाग में पहुंचे। उस दिन करीब 210 मरीजों ने इमरजेंसी में इलाज कराया। इनमें 17 लोग सड़क हादसों में घायल हुए थे, जबकि 54 लोग मारपीट की घटनाओं में जख्मी होकर अस्पताल पहुंचे। इसके अलावा 40 लोगों को डॉग बाइट की समस्या थी। एक मरीज प्वाइजनिंग का शिकार था और एक अन्य गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया।
त्योहार के अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को अस्पताल में मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई। इस दिन कुल 3421 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जिन्हें होली के रंगों की वजह से त्वचा और आंखों में परेशानी हो गई थी। ओपीडी के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं और डॉक्टरों को लगातार मरीजों का इलाज करना पड़ा।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज त्रिपाठी के मुताबिक करीब 155 मरीज आंखों से जुड़ी शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। कई लोगों की आंखों में रंग या गंदा पानी जाने से जलन, खुजली और पानी आने जैसी समस्या हो रही थी। हालांकि ज्यादातर मामलों में स्थिति गंभीर नहीं थी, लेकिन डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी।
वहीं त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दुबे ने बताया कि ओपीडी में लगभग 228 मरीज स्किन से जुड़ी समस्याओं के साथ पहुंचे। इन मरीजों को त्वचा में एलर्जी, खुजली, लाल चकत्ते और रैशेज की शिकायत थी। डॉक्टरों का कहना है कि त्वचा शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा होती है और होली के रंगों में मौजूद केमिकल कई बार एलर्जी या संक्रमण का कारण बन जाते हैं। इसलिए यदि रंग खेलने के बाद त्वचा में जलन, खुजली या लाल धब्बे दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजय राणा ने बताया कि होली के दिन भी अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह सक्रिय रहीं और डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों को इलाज उपलब्ध कराती रही। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन त्योहारों के दौरान भी मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पूरी तरह तैयार रहता है।





