Noida Gas Cylinder Crisis: शादी सीजन से पहले सिलेंडर किल्लत, परिवार प्रशासन के चक्कर लगाने को मजबूर

Noida Gas Cylinder Crisis: शादी सीजन से पहले सिलेंडर किल्लत, परिवार प्रशासन के चक्कर लगाने को मजबूर
नोएडा में शादी के सीजन से ठीक पहले रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत ने लोगों की खुशियों पर असर डाल दिया है। जहां एक ओर घरों में शहनाइयों की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर गैस की कमी ने दावतों और समारोहों की व्यवस्थाओं को संकट में डाल दिया है। हालात ऐसे हैं कि लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं।
सोमवार को 25 से अधिक लोग जिलाधिकारी के नाम शिकायत लेकर पहुंचे और शादी समारोहों के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों को संबंधित गैस एजेंसियों के सेल्स मैनेजर को भेजकर आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। आवेदन के साथ शादी का कार्ड लगाना अनिवार्य किया गया है, तभी मामलों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा के तिलपता गांव निवासी नीरज कुमार ने बताया कि उनकी बहन की शादी 19 अप्रैल को है, लेकिन गैस न मिलने के कारण हलवाई ने कोयले की भट्टी पर खाना बनाने से इंकार कर दिया है। उन्होंने बारात के लिए 10 सिलेंडर की मांग की है, जिस पर आपूर्ति विभाग ने एचपी गैस कंपनी के सेल्स मैनेजर को निर्देश भेजे हैं।
इसी तरह ग्राम खोदना कला निवासी हितेष ने 25 अप्रैल को होने वाली शादी और 21 अप्रैल के लग्न-सगाई समारोह के लिए करीब 1500 मेहमानों के भोजन हेतु 15 सिलेंडर की मांग की है। प्रशासन ने उनके आवेदन को भी संबंधित एजेंसी को भेज दिया है। हितेष ने इस संबंध में स्थानीय विधायक से भी सिफारिश करवाई है।
वहीं सेक्टर-51 होशियारपुर निवासी अर्जुन कुमार ने 17 अप्रैल को होने वाली सगाई और 25 अप्रैल की बारात के लिए 15 गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। आपूर्ति विभाग ने उनकी मांग पर भी कार्रवाई करते हुए संबंधित कंपनी को निर्देश जारी किए हैं।
गैस संकट के चलते लोग दिनभर जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर इस तरह की परेशानी ने परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन का कहना है कि सभी आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, ताकि शादी समारोहों में किसी प्रकार की बाधा न आए।





