Noida Electric Bus Service: अब हर 15 मिनट पर मिलेगी बस, 2 लाख लोगों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी

Noida Electric Bus Service: अब हर 15 मिनट पर मिलेगी बस, 2 लाख लोगों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी
नोएडा में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर के करीब 2 लाख लोगों को अब लास्ट माइल कनेक्टिविटी की सुविधा मिलने जा रही है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक फीडर बस सेवा की शुरुआत मई महीने से की जाएगी। हालांकि इस योजना को नोएडा स्थापना दिवस पर शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार न होने के कारण इसमें थोड़ी देरी हो गई।
इस नई व्यवस्था के तहत फीडर बसें शहर के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को आसपास के सेक्टरों और इलाकों से जोड़ेंगी। खास बात यह है कि इन बसों का संचालन हर 15 मिनट के अंतराल पर किया जाएगा, जिससे यात्रियों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी। पहले चरण में कुल करीब 50 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जिनमें 9 मीटर और 12 मीटर की बसें शामिल होंगी। इनमें से 45 बसें नियमित रूप से चलेंगी, जबकि 5 बसें स्टैंडबाय में रखी जाएंगी।
इस परियोजना का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) द्वारा किया जाएगा। बसों की देखरेख और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी उसी के पास होगी। वहीं, अगर संचालन के दौरान टिकट और किलोमीटर के हिसाब से कोई घाटा होता है, तो उसकी भरपाई नोएडा प्राधिकरण द्वारा वीजीएफ (Viability Gap Funding) के तहत की जाएगी।
इन बसों के लिए सेक्टर-90 स्थित डिपो को मुख्य केंद्र बनाया जाएगा। यहां पहले से बनी इमारत की मरम्मत कर इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस डिपो में बसों के खड़े होने की व्यवस्था, चार्जिंग पॉइंट (क्योंकि सभी बसें इलेक्ट्रिक होंगी), सर्विस सेंटर, ड्राइवर और कंडक्टर के लिए विश्राम स्थल और कार्यालय स्टाफ के लिए कमरे बनाए जाएंगे।
रूट प्लानिंग की बात करें तो प्राधिकरण ने चार प्रमुख रूट तय किए हैं, जिनकी लंबाई 20 से 60 किलोमीटर के बीच होगी। सभी रूट मेट्रो स्टेशनों से होकर गुजरेंगे और शहर के प्रमुख इलाकों को कवर करेंगे।
पहला रूट बोटेनिकल गार्डन से गोल्फ कोर्स, सिटी सेंटर, होशियारपुर, सेक्टर-51, पर्थला, गौर चौक और एक मूर्ति तक होगा, जिसकी लंबाई करीब 20 किलोमीटर होगी और इस पर 8 बसें चलेंगी।
दूसरा रूट बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-12-22, रजनीगंधा, एक्सप्रेसवे होते हुए परी चौक और जेवर एयरपोर्ट तक जाएगा। यह सबसे लंबा रूट होगा, जिसकी दूरी करीब 60 किलोमीटर होगी और इस पर 16 बसें संचालित होंगी।
तीसरा रूट बोटेनिकल गार्डन से गोल्फ कोर्स, सिटी सेंटर, साईं मंदिर, सेक्टर-62, बरौला, भंगेल और सूरजपुर कोर्ट तक जाएगा। इसकी लंबाई करीब 30 किलोमीटर होगी और इस पर 12 बसें चलाई जाएंगी।
चौथा रूट बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-75, 76, 77, सेक्टर-101, सैमसंग रोड और डीएससी रोड तक होगा। यह करीब 20 किलोमीटर का रूट होगा, जिस पर 8 बसें चलेंगी।
इसके अलावा, 5 बसों को स्टैंडबाय में रखा जाएगा, ताकि किसी बस के खराब होने पर तुरंत उसे बदला जा सके और सेवा प्रभावित न हो।
इस पूरी योजना से न केवल शहर में यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि लोगों को सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का विकल्प भी मिलेगा। साथ ही मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को राहत मिलेगी।




