Noida Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुरू होगी विमान मेंटेनेंस सेवा, अकासा एयर ने की साझेदारी

Noida Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुरू होगी विमान मेंटेनेंस सेवा, अकासा एयर ने की साझेदारी
ग्रेटर नोएडा स्थित Noida International Airport पर विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सेवा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। घरेलू एयरलाइन Akasa Air ने एयरपोर्ट प्रबंधन के साथ समझौता कर यहां आधुनिक एमआरओ सुविधा स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के लागू होने से भारत के एविएशन सेक्टर को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार इस समझौते के तहत एमआरओ सुविधा का संचालन अकासा एयर द्वारा किया जाएगा। इस केंद्र में विमानों के रखरखाव, तकनीकी जांच, मरम्मत और अन्य जरूरी इंजीनियरिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस सुविधा का उद्देश्य भारत की एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के प्रमुख एमआरओ हब के रूप में विकसित करना है। इससे विभिन्न एयरलाइन कंपनियों को अपने विमानों की तकनीकी सेवाएं देश के भीतर ही आसानी से मिल सकेंगी।
इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को एविएशन सेक्टर से जुड़ी स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में यह एमआरओ सुविधा देश के प्रमुख विमान रखरखाव केंद्रों में से एक बन सकती है।
Vinay Dube ने इस साझेदारी को लेकर कहा कि भारत में तेजी से बढ़ते एविएशन बाजार को देखते हुए मजबूत घरेलू एमआरओ सुविधाओं की बेहद आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि एयरलाइनों को देश के भीतर ही उच्च स्तरीय तकनीकी सेवाएं मिलती हैं तो इससे संचालन अधिक सुरक्षित और कुशल बनता है। अकासा एयर इस परियोजना में निवेश कर न केवल अपने तकनीकी ढांचे को मजबूत करना चाहती है बल्कि भारत के एविएशन सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने में भी योगदान देना चाहती है।
गौरतलब है कि अकासा एयर ने अगस्त 2022 में अपनी उड़ान सेवाएं शुरू की थीं और यह कंपनी के लिए पहली एमआरओ सुविधा होगी। इस साझेदारी के जरिए एयरलाइन अब अपने तकनीकी और परिचालन ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
वहीं Christoph Schnellmann ने कहा कि यह साझेदारी भारत की एमआरओ क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे क्षेत्र में रोजगार, निवेश और कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाल ही में Directorate General of Civil Aviation की ओर से 6 मार्च को एयरोड्रोम लाइसेंस जारी किया गया है, जिसके बाद इस एयरपोर्ट से जल्द ही नियमित उड़ान सेवाएं शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सुविधाओं से भारत में एविएशन उद्योग को नई गति मिलेगी और विदेशी एमआरओ सेवाओं पर निर्भरता भी कम होगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एमआरओ सुविधा स्थापित होने से उत्तर भारत के एविएशन नेटवर्क को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।





