Noida Airport Connectivity Problem: नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचना बना चुनौती, मेट्रो और डायरेक्ट बस सेवा नहीं, यात्री परेशान

Noida Airport Connectivity Problem: नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचना बना चुनौती, मेट्रो और डायरेक्ट बस सेवा नहीं, यात्री परेशान
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन यात्रियों के लिए सबसे बड़ी समस्या इसकी कनेक्टिविटी को लेकर सामने आ रही है। फिलहाल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए न तो कोई सीधी मेट्रो सेवा है और न ही डायरेक्ट बस कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थिति यह है कि शुरुआती चरण में एयरपोर्ट पहुंचने के लिए यात्रियों को टैक्सी, बाइक टैक्सी और निजी वाहनों पर ही निर्भर रहना होगा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इस कमी को आंशिक रूप से दूर करने के लिए महिंद्रा लॉजिस्टिक्स मोबिलिटी के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक टैक्सियों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा रैपिडो के माध्यम से बाइक टैक्सी और कैब सेवाएं भी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए आगमन और प्रस्थान क्षेत्र में पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट भी तय किए जाएंगे।
हालांकि बड़ी समस्या सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की है, जो अभी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 150 किलोमीटर के दायरे में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के 24 जिलों को कवर करेगा, लेकिन इन क्षेत्रों से सीधी बस कनेक्टिविटी अभी शुरुआती चरण में ही है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की योजना के अनुसार मेरठ, अलीगढ़, आगरा और मथुरा समेत 17 जिलों से बस सेवाएं शुरू करने की तैयारी है, जिसे बाद में गुरुग्राम और फरीदाबाद तक बढ़ाया जा सकता है।
उत्तराखंड के लिए भी बस सेवा की योजना बनाई गई है। फरवरी 2025 में एयरपोर्ट प्रबंधन और उत्तराखंड परिवहन निगम के बीच समझौता हुआ था, जिसके तहत देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी के लिए एसी बस सेवाएं शुरू करने की योजना है। ये सेवाएं उड़ान संचालन के साथ शुरू की जा सकती हैं।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित 500 सिटी बसों की योजना भी फिलहाल अटकी हुई है। उच्च लागत, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और एसपीवी गठन में देरी इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। इसके चलते यात्रियों को अभी भी अंतिम मील कनेक्टिविटी की समस्या का सामना करना पड़ेगा।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन, जो ब्लू लाइन और एक्वा लाइन का प्रमुख इंटरचेंज है और एयरपोर्ट से लगभग 65 किलोमीटर दूर है, वहां से भी जेवर के लिए कोई सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं है। एक्सप्रेसवे पर ऑटो-रिक्शा के प्रतिबंध ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है।
कुल मिलाकर, एयरपोर्ट शुरू होने के बावजूद कनेक्टिविटी की कमी यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसे जल्द मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से ही हल किया जा सकता है।
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