
New Delhi : दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन और सड़क ढांचे को मजबूत करने के लिए मेट्रो और फ्लाईओवर परियोजनाओं में तेजी लाई जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम और उससे जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राजधानी में आधुनिक परिवहन प्रणाली विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे ट्रैफिक जाम कम हो और प्रदूषण में कमी आए।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि दिल्ली मेट्रो का मौजूदा नेटवर्क 416 किलोमीटर में फैला है, जिसमें 303 स्टेशन, 12 लाइनें और 32 इंटरचेंज स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा 104.45 किलोमीटर लंबा नेटवर्क और 81 स्टेशन निर्माणाधीन हैं। फेज-4 के प्राथमिक कॉरिडोर में तेजी से काम हुआ है और भौतिक प्रगति लगभग 79.57 प्रतिशत तथा वित्तीय प्रगति 80.60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
कई महत्वपूर्ण मेट्रो सेक्शन शुरू हो चुके हैं, जिनमें मजलिस पार्क से मौजपुर, दीपाली चौक से मजलिस पार्क और जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन शामिल हैं। वहीं कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक, मजलिस पार्क से आर. के. आश्रम और तुगलकाबाद से एरोसिटी जैसे प्रमुख कॉरिडोर दिसंबर 2026 तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। ये कॉरिडोर राजधानी के विभिन्न हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे।
फेज-4 के शेष कॉरिडोर जैसे लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक, इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ और रिठाला से कुंडली पर भी काम शुरू हो चुका है, जिन्हें मार्च 2029 तक पूरा करने की योजना है। इसके साथ ही फेज-5(ए) परियोजनाओं पर भी कार्य प्रारंभ हो गया है, जिनमें आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज शामिल हैं।
मेट्रो विस्तार के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण फ्लाईओवर परियोजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। आजादपुर से त्रिपोलिया चौक तक 2.16 किलोमीटर लंबे डबल-डेकर फ्लाईओवर का लगभग 73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यमुना विहार से भजनपुरा तक 1.40 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
दक्षिण दिल्ली में एमबी रोड पर साकेत जी से संगम विहार तक 2.48 किलोमीटर लंबा छह लेन फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण जारी है, जिसकी कुल लागत 694.98 करोड़ रुपये है और लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा मां आनंदमयी मार्ग से पुल प्रहलादपुर तक फ्लाईओवर परियोजना पर डिजाइन और अलाइनमेंट का कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, पेड़ कटाई और एएसआई अनुमति जैसी बाधाओं को दूर करने की प्रक्रिया जारी है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वजीराबाद से डीएनडी तक 19.2 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इसके अलावा त्रिपोलिया गेट से बर्फखाना तक फ्लाईओवर निर्माण की योजना भी बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो और सड़क नेटवर्क का विस्तार दिल्ली की जीवनरेखा को और मजबूत करेगा। इससे यात्रा तेज और सुगम होगी, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



