
Nationwide strike India: 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर श्रमिक संगठनों में मतभेद, रेलवे यूनियन ने विरोध जताया
नई दिल्ली, 4 फरवरी – 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर श्रमिक संगठनों में मतभेद सामने आए हैं। भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक यूनियन (BRMGSU) ने केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर इस हड़ताल का विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि हड़ताल से रेलवे माल गोदाम और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की आजीविका, रोजगार स्थिरता और दीर्घकालिक सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
बीआरएमजीएसयू ने श्रमिक मुद्दों के समाधान के लिए संवाद, कानूनी प्रक्रियाओं और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीकों पर जोर देते हुए अपने सदस्यों से सामान्य रूप से कार्य जारी रखने की अपील की है।
वहीं, दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और सैकड़ों स्वतंत्र श्रमिक संगठनों ने 12 फरवरी को अखिल भारतीय आम हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया है। इन संगठनों का आरोप है कि बजट-2026 मजदूर और जनविरोधी है। उन्होंने कहा कि बजट में श्रम संहिताओं की वापसी, गिग और असंगठित कामगारों की सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक कल्याण के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं।
श्रम संगठनों का यह भी कहना है कि कंपनियों को कर छूट और निजीकरण को बढ़ावा दिया गया है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर खर्च घटाया गया है। 12 फरवरी की हड़ताल से बैंक, बीमा, डाक, बीएसएनएल, कोयला, रक्षा, निर्माण, आंगनवाड़ी, आशा और अन्य क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। प्रमुख मांगों में चारों श्रम संहिताओं की वापसी, न्यूनतम वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी, निजीकरण पर रोक और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।
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