नई दिल्ली: रूटीन सर्जरी का लाइव प्रदर्शन होगा निषेध

नई दिल्ली, 29 जुलाई : राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने मेडिकल सम्मेलनों में लाइव सर्जरी को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जो चिकित्सा नैतिकता, रोगी अधिकारों और शिक्षा की गुणवत्ता की रक्षा करने वाली मानी जा रही हैं।

गाइडलाइंस के मुताबिक अब रूटीन और स्थापित सर्जरी (जैसे मोतियाबिंद या लेसिक) का लाइव प्रदर्शन पूरी तरह निषेध होगा। सर्जिकल शिक्षा के लिए केवल पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो को मंजूरी दी गई है। नई या अपवादात्मक प्रक्रियाओं के लिए लाइव सर्जरी बहुत ही विशेष परिस्थितियों और दस्तावेजीय अनुमतियों के साथ ही संभव होगी। यह गाइडलाइंस भारत के चिकित्सा ढांचे में नैतिकता और रोगी गरिमा के मूल सिद्धांतों को स्थायी रूप से स्थापित करती हैं।

उधर, सर्जिकल विशेषज्ञों ने गाइडलाइंस में प्रयुक्त अधिमानतः जैसे शब्दों को स्पष्ट रूप से हटाने की मांग की है। चूंकि इससे निजी कंपनियों को अपने वाणिज्यिक हितों की पूर्ति करने के लिए गलत रास्ता अपनाने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों की मांग है कि रूटीन सर्जरी के लिए लाइव डेमोंस्ट्रेशन को स्पष्ट रूप से और पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही एक स्वतंत्र, न्यायिक अध्यक्षता वाली शिकायत निवारण समिति की भी मांग की गई है, जिसमें रोगी संगठनों, शैक्षणिक चिकित्सकों, निजी प्रैक्टिशनर्स और न्याय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को स्थान दिया जाए। ताकि किसी एक धड़े या वाणिज्यिक समूह के प्रभाव से दूर रहकर निष्पक्ष निर्णय लिए जा सकें।

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