
नई दिल्ली, 26 मार्च : केंद्र सरकार के स्वायत्त निकाय राष्ट्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संस्थान के निदेशक डॉ धीरज शाह ने कहा कि हमें औषधि विनियमन के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त हैं। जिसका लाभ हमारे मित्र देश उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा, भारत मित्र देशों को दवा नियमन में सर्वोत्तम प्रथाओं और भारतीय दवा नियामकों द्वारा विकसित की गई प्रभावशाली पहलों पर व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर सकता है। हम, विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रशिक्षण और शिक्षा केंद्र (आईटेक) कार्यक्रम के तहत विदेशी दवा नियामकों के साथ दवा और नियामक पहलुओं से संबंधित विशेषज्ञता साझा कर सकते हैं। इसके लिए अफ्रीकी, दक्षिण पूर्व एशियाई और सार्क देशों के दवा नियामकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं।
डॉ धीरज शाह ने कहा कि प्रशिक्षण संबंधी पाठ्यक्रम केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के सहयोग से तैयार किए गए हैं जिन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय के अवलोकन के लिए भेजा गया है। डॉ शाह ने आगे बताया कि मित्र देशों के प्रतिनिधियों को भारत में संपन्न विभिन्न दवाओं और टीकों के परीक्षणों के तमाम पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही नए टीकों और दवाओं के लिए विपणन प्राधिकरण की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान मित्र देशों को बताया जाएगा कि बाजार निगरानी के माध्यम से दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी कैसे की जाती है? बाजार और विनिर्माण सुविधाओं से दवाओं के नमूने यादृच्छिक रूप से कैसे लिए जाते हैं और सरकारी प्रयोगशालाओं में उनका परीक्षण कैसे किया जाता है? उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में, संस्थान के आवासीय कार्यक्रम के जरिये सीडीएससीओ और राज्यों के 1,477 दवा नियामकों को प्रशिक्षित किया गया है। इस दौरान उनके कौशल, ज्ञान, निरीक्षण, जांच और डोजियर की समीक्षा की गई और उनमें सुधार लाया गया। इसके अलावा, पिछले दो वर्षों में देश भर में 672 राज्य दवा नियामकों को भी प्रशिक्षित किया गया। साथ ही देश भर में विभिन्न कार्यशालाओं के जरिये 39,107 उद्योग प्रतिनिधियों प्रशिक्षित किया गया है।