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Mediterranean Diet Study: देसी स्वाद के साथ अपनाने पर दिल के मरीजों को फायदा, एम्स का दावा

Mediterranean Diet Study: देसी स्वाद के साथ अपनाने पर दिल के मरीजों को फायदा, एम्स का दावा

नई दिल्ली में किए गए एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि विदेशी आहार पद्धति ‘मेडिटेरेनियन डाइट’ को भारतीय खान-पान के साथ अपनाने से हृदय रोगियों को काफी लाभ मिल सकता है। All India Institute of Medical Sciences Delhi के कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा किए गए इस अध्ययन के निष्कर्ष हाल ही में Harvard Health Publishing और Clinical Lipidology में प्रकाशित हुए हैं।

अध्ययन के दौरान एम्स के कार्डियो क्लिनिक से जुड़े 57 प्रतिभागियों को सात दिन का कैलोरी आधारित डाइट प्लान दिया गया। इसके बाद प्रतिभागियों को तीन महीने तक ‘भारतीय शैली की मेडिटेरेनियन डाइट’ का पालन करने के लिए कहा गया। इस डाइट में दालें, साबुत अनाज, फल-सब्जियां, मेवे, जैतून का तेल और भारतीय मसालों को शामिल किया गया था।

तीन महीने के बाद किए गए परीक्षण में प्रतिभागियों के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), ब्लड शुगर और लेप्टिन स्तर में सुधार देखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह डाइट एंटी-इंफ्लेमेटरी यानी सूजन कम करने वाली आहार पद्धति है, जो हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।

इस डाइट में फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और हेल्दी तेल को प्रमुखता दी जाती है, जबकि अधिक चीनी, अस्वस्थ वसा और प्रोसेस्ड मीट से बचने की सलाह दी जाती है। प्रोटीन के लिए चना, दाल और पनीर जैसे विकल्पों को शामिल किया गया, जबकि कार्बोहाइड्रेट के लिए सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस, बाजरा, जौ और कुट्टू जैसे साबुत अनाज लेने की सलाह दी गई।

वहीं घी या नारियल तेल की जगह सरसों या मूंगफली के तेल का उपयोग करने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय भोजन में इस्तेमाल होने वाले हल्दी, अदरक, लहसुन, गरम मसाला और लाल मिर्च जैसे मसाले भी सूजन कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार सही आहार, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाकर हृदय रोग, मोटापा और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मेडिटेरेनियन डाइट भूमध्य सागर क्षेत्र के देशों जैसे Greece, Italy और Spain की पारंपरिक भोजन शैली पर आधारित है। इसमें फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और हेल्दी तेल को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि लाल मांस और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित रखा जाता है।

एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ Dr. Ambuj Roy के अनुसार संस्थान ने भारतीय स्वाद के अनुसार मेडिटेरेनियन डाइट की 100 से अधिक रेसिपी भी विकसित की हैं, जिनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल किया गया है।

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