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Lucknow: लखनऊ में उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 का भव्य आगाज़, सीएम योगी ने की तकनीक और बागवानी की सराहना

Lucknow: लखनऊ में उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 का भव्य आगाज़, सीएम योगी ने की तकनीक और बागवानी की सराहना

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश आम महोत्सव–2025’ का भव्य शुभारंभ हुआ। अवध शिल्प ग्राम, अवध विहार योजना, सेक्टर 9 में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। पूरे राज्य और देशभर से आए बागवानों, कृषकों और आम प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच इस आयोजन ने न केवल स्वाद का उत्सव रचा, बल्कि राज्य की बागवानी क्रांति की झलक भी पेश की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर 800 से अधिक किस्मों के आमों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बागवानों के परिश्रम की प्रशंसा करते हुए कहा, “जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों के बावजूद हमारे किसानों और बागवानों ने तकनीक का उपयोग कर जो प्रदर्शन किया है, वह अद्वितीय है। यह महोत्सव केवल आमों का नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किसानों के संकल्प का प्रतीक है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के दशहरी, लंगड़ा, आम्रपाली, रटोल और गवर्जीत जैसे आमों की खुशबू वैश्विक बाजारों तक पहुंच रही है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने लखनऊ, अमरोहा, सहारनपुर और वाराणसी में चार अत्याधुनिक पैक हाउस स्थापित किए हैं, जो आम के निर्यात को गति देने में सहायक बन रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महोत्सव के दौरान दो देशों को आमों का एयर कार्गो रवाना किया गया है, जिसमें सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी के चलते बागवानों को बेहतर मूल्य मिला। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे आम के साथ हल्दी, अदरक और अन्य औषधीय फसलों को भी अपनाएं और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में कदम रखें।

मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि 9 जुलाई 2025 को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पूरे उत्तर प्रदेश में 50 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का परिचायक होगा।

इस आयोजन में सीएम योगी ने विभिन्न जिलों के प्रगतिशील बागवानों और निर्यातकों को प्रशस्ति पत्र और एक पौधा देकर सम्मानित किया, साथ ही महोत्सव की स्मारिका का विमोचन भी किया। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में कमिश्नरी स्तर पर भी इस प्रकार के महोत्सव आयोजित किए जाएं, जिससे स्थानीय उत्पादों को पहचान और बाजार दोनों मिल सकें।

कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। एक किसान ने बताया कि पहले एक सीजन में केवल एक फसल हो पाती थी, लेकिन सरकार की नई सिंचाई परियोजनाओं और तकनीकी सहायता से अब तीन-तीन फसलें ली जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने हरदोई, कानपुर, और औरैया में मक्के की खेती से किसानों को मिल रहे लाभ का भी जिक्र किया और बताया कि अब प्रति एकड़ एक लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा किसान कमा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्रों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आधुनिक बीज तकनीकों की चर्चा करते हुए बताया कि आज यूपी की जीडीपी में कृषि और बागवानी का योगदान तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने इसे किसानों की मेहनत, तकनीकी नवाचार और सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों का परिणाम बताया।

इस मौके पर राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी, बागवानी विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। यह महोत्सव 6 जुलाई तक चलेगा, जिसमें संगोष्ठियां, बायर्स-सेलर्स मीट, तकनीकी सत्र और किसान संवाद जैसे आयोजन होंगे।

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