LPG Gas Shortage: गैस किल्लत से बढ़ी लकड़ी और कोयले की मांग, दामों में तेज उछाल

LPG Gas Shortage: गैस किल्लत से बढ़ी लकड़ी और कोयले की मांग, दामों में तेज उछाल
नोएडा में इन दिनों एलपीजी गैस की कमी ने आम लोगों की परेशानी को काफी बढ़ा दिया है। शहर के कई इलाकों में उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, जिससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। खासतौर पर मध्यम और निम्न वर्ग के परिवार इस समस्या से सबसे ज्यादा जूझ रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जहां लोग घंटों इंतजार करने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।
इस संकट का सीधा असर अब वैकल्पिक ईंधन पर देखने को मिल रहा है। लोग मजबूरी में लकड़ी और कोयले का सहारा ले रहे हैं, जिससे इनकी मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। पहले जहां लकड़ी और कोयला सीमित उपयोग में आते थे, वहीं अब ये रोजमर्रा के खाना पकाने का मुख्य साधन बनते जा रहे हैं। इस बढ़ती मांग का फायदा उठाकर बाजार में इनके दामों में भी तेज उछाल देखा जा रहा है।
लकड़ी और कोयला बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ग्राहकों की संख्या काफी बढ़ गई है। पहले जहां दिनभर में सीमित बिक्री होती थी, अब स्टॉक जल्दी खत्म हो रहा है। कई दुकानदारों ने बताया कि सप्लाई पर दबाव बढ़ने के कारण उन्हें भी महंगे दामों पर माल खरीदना पड़ रहा है, जिसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है।
वहीं उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की किल्लत ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। गैस सिलेंडर की अनिश्चित सप्लाई के कारण लोग असमंजस में हैं और मजबूरी में पुराने तरीकों की ओर लौट रहे हैं। कई परिवारों ने बताया कि उन्हें लकड़ी और कोयले पर खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे समय और मेहनत दोनों ज्यादा लग रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस सप्लाई को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे न केवल लोगों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि लकड़ी और कोयले का अधिक उपयोग प्रदूषण को बढ़ाता है।
प्राधिकरण और संबंधित विभागों का कहना है कि गैस सप्लाई को सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि, जब तक हालात पूरी तरह से नहीं सुधरते, तब तक लोगों को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।





