Labour Welfare: जब श्रमिक समृद्ध होंगे, तभी देश समृद्ध होगा: मांडविया पुरी में बीएमएस सम्मेलन में बोले

Labour Welfare: जब श्रमिक समृद्ध होंगे, तभी देश समृद्ध होगा: मांडविया पुरी में बीएमएस सम्मेलन में बोले
नई दिल्ली/पुरी, 6 फरवरी: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि ‘जब श्रमिक समृद्ध होंगे, तभी देश समृद्ध होगा।’ उन्होंने यह बात ओडिशा के पुरी में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के 21वें अखिल भारतीय त्रैवार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही। डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि श्रमिकों का कल्याण, उनकी गरिमा और सुरक्षा सरकार की राष्ट्रीय विकास दृष्टि के केंद्र में है।
मंत्री ने श्रम शक्ति और युवा शक्ति को भारत की प्रगति की नींव बताते हुए कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में इनकी भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने बीएमएस को देश का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन बताते हुए कहा कि यह संगठन श्रमिकों को राष्ट्रीय विकास और आर्थिक वृद्धि में सक्रिय भागीदार बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। डॉ. मांडविया ने यह भी कहा कि श्रमिकों और उद्योगों के बीच संतुलन और सहयोग मजबूत अर्थव्यवस्था की कुंजी है।
उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और कल्याण मिलेगा, जबकि उद्योगों के लिए अनुपालन सरल और स्पष्ट होगा। उन्होंने नियुक्ति पत्र, लैंगिक समानता, वार्षिक स्वास्थ्य जांच और खतरनाक उद्योगों में स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। डॉ. मांडविया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अनुसार करीब 94 करोड़ लोग अब सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हैं और 2026 तक इसे 100 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही ईपीएफओ, ईएसआईसी, न्यूनतम वेतन और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन भी उन्होंने दिया।
डॉ. मांडविया ने सम्मेलन में यह संदेश भी दिया कि सरकार श्रमिकों की समृद्धि और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उनका कहना था कि जब तक श्रमिक सशक्त नहीं होंगे, तब तक देश की वास्तविक समृद्धि संभव नहीं है। इस अवसर पर बीएमएस के नेताओं और प्रतिनिधियों ने भी सरकार की श्रमिक कल्याण योजनाओं की सराहना की और सुझाव साझा किए।





