
Indian Coast Guard: स्वदेशी लहर, गोवा में समुद्री आत्मनिर्भरता की नई नींव
नई दिल्ली/गोवा, भारत ने समुद्री रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए गोवा में एमजेपी इंडिया वॉटरजेट प्रोडक्शन और टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्घाटन Indian Coast Guard के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने किया। कार्यक्रम में स्वीडन की कंपनी MJP AB के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
भारतीय तटरक्षक के जहाजों में पहले से 100 से अधिक एमजेपी वॉटरजेट प्रोपल्शन सिस्टम स्थापित हैं, जबकि निर्माणाधीन जहाजों के लिए 42 अतिरिक्त सिस्टम निर्धारित किए गए हैं। नई फैसिलिटी से न केवल ऑपरेशनल सपोर्ट और मेंटेनेंस को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्वदेशी उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इस पहल के साथ भारत, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बाद वॉटरजेट प्रोडक्शन और टेस्टिंग की अत्याधुनिक सुविधा स्थापित करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है। इसे समुद्री क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यह इकाई दक्षिण एशिया के लिए क्षेत्रीय हब के रूप में विकसित की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूती, एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन और कुशल युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
महानिदेशक शिवमणि ने गोवा स्थित Chowgule and Company Private Limited में छह स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल्स (ACVs) के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। इन व्हीकल्स में 50 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी कंटेंट शामिल है और पहली डिलीवरी मई 2026 में प्रस्तावित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत की समुद्री सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और निर्यात क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी।





