
Haryana Africa Partnership: हरियाणा देश का पहला राज्य जिसने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अलग से विदेश सहयोग विभाग स्थापित किया – नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने अफ्रीकी देशों से किया आह्वान, हरियाणा संग कृषि, एमएसएमई और स्टार्टअप में साझेदारी से विकास को दें नई रफ्तार
रिपोर्ट : कोमल रमोला
चंडीगढ़, 13 फरवरी – हरियाणा में औद्योगीकरण और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में हरियाणा–अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उद्योग, व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में हरियाणा और अफ्रीकी देशों के बीच व्यापक संभावनाओं पर मंथन किया गया। बैठक में 21 अफ्रीकी देशों के राजदूतों और हाई कमिश्नरों सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि सूरजकुंड की पावन एवं सांस्कृतिक धरती से भारत–अफ्रीका साझेदारी के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला लोक परंपरा, हस्तशिल्प, रचनात्मकता और मानवीय कौशल का वैश्विक मंच है, जो सांस्कृतिक जुड़ाव और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत–अफ्रीका संबंध समानता, पारस्परिक सम्मान और साझा विकास के सिद्धांत पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप हरियाणा राज्य स्तर पर भी अफ्रीकी देशों के साथ दीर्घकालिक और मजबूत संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अलग से विदेश सहयोग विभाग स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य कृषि, विनिर्माण, एमएसएमई, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और स्टार्टअप के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ विकास इंजन है। एनसीआर से जुड़ाव के कारण राज्य को वैश्विक कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक मजबूती प्राप्त है, जिससे अफ्रीकी देशों के साथ बहु-क्षेत्रीय सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। कृषि को भारत–अफ्रीका सहयोग का प्रमुख क्षेत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि सिंचाई प्रबंधन, उन्नत बीज, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, डेयरी और पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन में हरियाणा का अनुभव अफ्रीकी देशों की खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ कर सकता है।
उन्होंने केन्या, तंजानिया, युगांडा, इथियोपिया और रवांडा के साथ संयुक्त खेती, प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी साझेदारी की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। तंजानिया निवेश केंद्र तथा कृषि एवं अन्य संस्थानों के साथ हुए समझौतों से व्यापार, निवेश और कृषि सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, आईटी, निर्माण, कौशल विकास, स्टार्टअप, फिनटेक और एमएसएमई क्षेत्रों में भी व्यापक सहयोग की संभावनाएं हैं। दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और उत्तर अफ्रीकी देशों के साथ क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक और कृषि आधारित साझेदारी विकसित की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और हरित विकास को साझा नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि सौर ऊर्जा, जल प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। “जब शिल्प यात्रा करता है, तो संस्कृतियां संवाद करती हैं और साझेदारियां जन्म लेती हैं।
भारत-अफ्रीका व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर : राव नरबीर सिंह
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरवीर सिंह ने कहा कि भारत और अफ्रीका के बीच व्यापारिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। पिछले कुछ वर्षों में भारत-अफ्रीका द्विपक्षीय व्यापार लगभग 90 से 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंच चुका है, जो दोनों क्षेत्रों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत, अफ्रीका से मुख्यत: कच्चा तेल, सोना, कोयला, उर्वरक एवं खनिज आयात करता है, जबकि भारत अफ्रीका को पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयां, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, मशीनरी, चावल तथा इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात करता है। यह व्यापार केवल वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार पा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा भारत-अफ्रीका व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। हरियाणा से अफ्रीकी देशों को मुख्यत: ऑटो कंपोनेंट्स, ट्रैक्टर एवं कृषि मशीनरी, फार्मा उत्पाद, इंजीनियरिंग गुड्स, प्लाईवुड तथा आईटी सेवाओं का निर्यात किया जाता है। वहीं अफ्रीका से खनिज धातुएं और कुछ कृषि आधारित कच्चा माल आयात किया जाता है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास एवं कार्यबल गतिशीलता भी सहयोग का महत्वपूर्ण आयाम है। संरचित कौशल प्रशिक्षण, प्रमाणीकरण तथा वैध रोजगार चैनलों के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—व्यापार को बढ़ावा देना, निवेश को प्रोत्साहित करना और संस्थागत संवाद के माध्यम से दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना।
बैठक में उपस्थित राजदूत व हाई कमिश्नर
बैठक में अरब गणराज्य मिस्र से डालिया एमए तांतावी, मंत्री पूर्णाधिकारी एवं मिशन उप प्रमुख, श्री मोहम्मद इब्राहिम, वाणिज्य दूत एवं वाणिज्य एवं आर्थिक मामलों के प्रमुख, मिस्र दूतावास, ट्यूनीशिया गणराज्य से श्री हम्मादी लूआती, सीडीए (प्रभारित राजदूत), टोगो गणराज्य से श्री यावो एडेम अकपेमाडो, चार्ज डी’अफेयर/ मिशन प्रमुख, घाना गणराज्य से प्रो. क्वासी ओबिरी-दानक्वा उच्चायुक्त, घाना व श्री लुइस क्वामे ओबेंग, मंत्री घाना,श्री कोनराड नाना कोजो असीदु, प्रथम सचिव (व्यापार, पर्यटन एवं संस्कृति) / मिशन उप प्रमुख घाना, गिनी गणराज्य से श्री एच. एम. कोंटे अलीसाने, राजदूत, गिनी दूतावास व श्री एम. सिसोको अली बडारा प्रथम सचिव (प्रोटोकॉल), संघीय गणराज्य नाइजीरिया से मुशाबु बशीर सादी, चांसरी प्रमुख इस्लामिक गणराज्य मॉरिटानिया से श्री मोहम्मद एल मुस्तफा सैयदी — वाणिज्य दूत एवं सांस्कृतिक परामर्शदाता, चाड गणराज्य से श्रीमती इदजिमा बद्दा मल्लोत, भारत में चाड की राजदूत, लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो : श्रीमती जोजो बिंटी जोसेफिन, प्रभारी राजदूत, संयुक्त गणराज्य तंजानिया से महामहिम अनीसा कापुफी म्बेगा, उच्चायुक्त, कैमरून गणराज्य से महामहिम (श्रीमती) सिल्वी-मिशेल एमपोन टीएक, प्रभारी राजदूत, श्री एस्सोम्बा ज़ांग यवेस से प्रथम परामर्शदाता, श्री मेंडौगा काउंसलर अधिकारी जिबूती गणराज्य से, दक्षिण सूडान गणराज्य से रवांडा गणराज्य से सुश्री जैकलीन मुकांगीरा से उच्चायुक्त, इरिट्रिया राज्य से श्री तेसफालडेट गेब्रस्लासी गेब्रेब से द्वितीय सचिव, दक्षिण अफ्रीका से श्री पीटर साह्क (प्रतिनिधि), जिम्बाब्वे गणराज्य : श्री पीटर होबवानी, उप मिशन
प्रमुख / चांसरी प्रमुख, मलावी गणराज्य श्री जोसेफ काविंगा से प्रथम सचिव (पर्यटन)प्रतिनिधि, अल्जीरिया, प्रतिनिधि, सूडान मौजूद रहे।
इनके अलावा, श्री विक्रम मिस्री, विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय, श्री सुधाकर दलेला — सचिव (आर्थिक संबंध), विदेश मंत्रालय, डॉ. नीना मल्होत्रा — सचिव (दक्षिण), विदेश मंत्रालय, श्री सुरेश कुमार एम. संयुक्त सचिव (पश्चिम एशिया एवं उत्तर अफ्रीका), विदेश मंत्रालय, श्री सेवला नाइक मुडे अतिरिक्त सचिव (केंद्रीय एवं पश्चिम अफ्रीका प्रभाग), विदेश मंत्रालय, श्री जनेश काइन — संयुक्त सचिव (पूर्वी एवं दक्षिणी अफ्रीका), विदेश मंत्रालय,श्री ए. अजय कुमार संयुक्त सचिव (राज्य प्रभाग), विदेश मंत्रालय भी बैठक में उपस्थित रहे।
हरियाणा सरकार की ओर से विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, सूचना जनसंपर्क भाषा एवं सांस्कृतिक विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग, विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल, पर्यटन विभाग के एमडी पार्थ गुप्ता, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी, विदेश मंत्रालय में ओएसडी कर्नल संजीव कुमार, अवर सचिव रीता मीणा मौजूद रहे।
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