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Greater Noida West Society Issue स्विमिंग पूल के पास गिरा प्लास्टर, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

Greater Noida West Society Issue स्विमिंग पूल के पास गिरा प्लास्टर, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

Greater Noida West की Himalaya Pride Society में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब क्लब हाउस में स्विमिंग पूल के पास अचानक प्लास्टर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां मौजूद लोग बाल-बाल बच गए और कोई घायल नहीं हुआ।

घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों में नाराजगी फैल गई। उनका आरोप है कि बिल्डर ने निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं किया गया है, जिससे उनकी जान पर खतरा बना रहता है।

सोसाइटी की निवासी शुभ्रा शुक्ला ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई बार इस तरह की समस्याएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के नाम पर निवासियों से पैसा लिया गया, लेकिन सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

निवासियों के मुताबिक, बिजली को लेकर भी गंभीर समस्या बनी हुई है। एडवांस में भुगतान करने के बावजूद Noida Power Company Limited (एनपीसीएल) का बकाया लंबित है और किसी भी समय बिजली कटौती की आशंका बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में 3 अप्रैल को एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) को सोसाइटी का हैंडओवर मिला है, लेकिन सीमित अधिकारों के चलते एओए भी पूरी तरह से समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही है। पुराने फंड का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया गया है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

सोसाइटी में अन्य समस्याएं भी बनी हुई हैं, जिनमें बेसमेंट पार्किंग की खराब स्थिति और पानी भराव प्रमुख हैं। निवासियों का कहना है कि बेसमेंट में हर समय पानी भरा रहता है, जिससे वाहन खड़े करने में दिक्कत होती है और नुकसान का खतरा भी बना रहता है।

इसके अलावा, लगभग 3 करोड़ रुपये के आईएफएमएस फंड को लेकर भी विवाद है, जिसे अब तक एओए को नहीं सौंपा गया है। निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी में कई कार्य अब भी अधूरे हैं और बिल्डर अपनी जिम्मेदारियों से बच रहा है।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसाइटीज में निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवासी अब प्रशासन से हस्तक्षेप कर सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

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